Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسْتَبْشِرُونَ: वे खुशियाँ मनाते हैं, आनंदित होते हैं।
- نِعْمَةٍ: वह नेमत जो उन्हें मिली है।
- فَضْلٍ: अतिरिक्त अनुग्रह और बढ़ा हुआ प्रतिफल।
- لَا يُضِيعُ: बर्बाद नहीं करता, अकारण नहीं जाने देता।
- أَجْرَ الْمُؤْمِنِينَ: ईमानवालों का प्रतिफल।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये शहीद (जो अल्लाह की राह में शहीद हुए) उस महान नेमत पर खुशियाँ मना रहे हैं जो अल्लाह ने उन्हें दी है, और उस अतिरिक्त कृपा (फ़ज़्ल) पर भी जो उनके इंतज़ार में है। वे इस बात पर भी आनंदित हैं कि अल्लाह तआला अपने ईमानवाले बंदों का प्रतिफल कभी बर्बाद नहीं करता। उन्होंने जो भी नेक काम किए, जो कुर्बानियाँ दीं, अल्लाह उन्हें पूरा-पूरा बदला देगा और अपने फ़ज़्ल से उसमें और इज़ाफ़ा भी करेगा। यह खुशी सिर्फ़ मिले हुए इनाम पर नहीं है, बल्कि इस बात पर भी है कि अल्लाह का वादा सच्चा है और वह किसी मोमिन की मेहनत को रद्द नहीं करता। यह उनके लिए सबसे बड़ी तसल्ली और सुकून की बात है कि उनकी मेहनत और ईमान अकारण नहीं जाएगा।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह की नेमत पर खुशी जायज़ है: यह आयत सिखाती है कि अल्लाह की दी हुई नेमतों और उसके फ़ज़्ल पर खुश होना और उसका एहसान जताना एक अच्छा काम है, बशर्ते कि यह खुशी अल्लाह की तरफ़ हो, न कि दुनिया के माल पर घमंड की।
- अल्लाह का इन्साफ़ और फ़ज़्ल: अल्लाह तआला अपने बंदों के साथ इन्साफ़ करता है — वह उनके अच्छे कामों को ज़ाया नहीं करता। यह बात मोमिन के दिल को सुकून देती है कि उसकी कोई भलाई अल्लाह के यहाँ बेकार नहीं जाती।
- ईमान की क़द्र: यह आयत ईमान की अहमियत बताती है — ईमान ही वह चीज़ है जिसकी बिना पर अल्लाह इनाम देता है। इसलिए इंसान को अपने ईमान को मज़बूत करना चाहिए और उस पर साबित-क़दम रहना चाहिए।
- आख़िरत की उम्मीद: यह आयत मोमिन को आख़िरत की तरफ़ रग़बत देती है — असली खुशी और कामयाबी वहाँ है, जहाँ अल्लाह अपने बंदों को उनकी मेहनत का पूरा बदला देगा। यह उम्मीद इंसान को दुनिया की मुश्किलों में सब्र और अमल पर क़ायम रखती है।
📜 आयत 169-173 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 171
सूरा आल-इमरान आयत 171 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा नेअमत और उसके फ़ज़ल (व करम) और इस बात…सूरा आयत 171/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 169–173. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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