आल-इमरान · 196/200
अनुवाद उच्चारण — आल-इमरान
لَا يَغُرَّنَّكَ تَقَلُّبُ الَّذِينَ كَفَرُوا فِي الْبِلَادِ ۝١٩٦
Laa yaghurrannaka taqal lubul lazeena kafaroo fil bilaad
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) काफ़िरों का शहरों शहरों चैन करते फिरना तुम्हे धोखे में न डाले

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَا يَغُرَّنَّكَ: तुम्हें धोखा न दे, तुम्हें मोहित न कर ले।
  • تَقَلُّبُ: आना-जाना, चलना-फिरना, विभिन्न स्थानों में घूमना, व्यापार और कमाई के लिए इधर-उधर जाना।
  • فِي الْبِلَادِ: विभिन्न देशों और शहरों में।

विस्तृत विवरण:

हे नबी! काफिरों का देशों में चलना-फिरना, उनका व्यापार-वाणिज्य में फैलाव, उनकी आर्थिक समृद्धि और जीवन की सुख-सुविधाएँ देखकर तुम धोखे में न पड़ो। उनका यह वैभव और ऐश्वर्य उनकी सच्चाई या सफलता का प्रमाण नहीं है। यह सब कुछ अस्थायी है और अल्लाह की ओर से एक इम्तिहान है। जब कुछ कमज़ोर ईमान वाले मुसलमानों ने यह देखा कि काफिर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में खूब आगे बढ़ रहे हैं, जबकि मुसलमान कठिनाइयों और तंगी का सामना कर रहे हैं, तो वे दुखी हुए। इस पर अल्लाह ने यह आयत उतारी कि इन काफिरों की यह चमक-दमक और व्यापारिक सफलता तुम्हें किसी भ्रम में न डाले। यह सब कुछ बहुत जल्दी खत्म होने वाला है। उनकी यह दौलत और ताकत उन्हें अल्लाह की पकड़ से नहीं बचा सकती। वास्तविक सफलता और स्थायी समृद्धि तो अल्लाह की राह में है, और उनका यह संसारी वैभव उनके लिए अज़ाब का कारण बनेगा, क्योंकि वे इसका उपयोग अल्लाह की नाफ़रमानी में कर रहे हैं। अतः इस अस्थायी सुख-समृद्धि को देखकर न तो तुम दुखी होओ और न ही उनकी इस हालत से प्रभावित होओ।

शिक्षाएँ और लाभ:

  1. यह आयत मुसलमानों को सिखाती है कि दुनिया की नाप-तौल अल्लाह की नाप-तौल से अलग है। किसी की दौलत, ताकत और सुख-सुविधाएँ उसके अल्लाह के करीब होने का सबूत नहीं हैं।
  2. मुसलमान को अपने ईमान और अल्लाह के वादों पर भरोसा रखना चाहिए, न कि दुनिया के दिखावे से प्रभावित होना चाहिए। असली कामयाबी अल्लाह की रज़ा और उसकी राह में सब्र करने में है।
  3. यह आयत हमें सिखाती है कि काफिरों की दुनियावी तरक्की देखकर निराश या परेशान नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सब कुछ फ़ानी (नाशवान) है और आख़िरत में उनका अंजाम बहुत बुरा है।
  4. मुसलमान को चाहिए कि वह अपनी निगाहें आख़िरत की स्थायी सफलता पर रखे, न कि दुनिया की अस्थायी चमक पर। यही वह चीज़ है जो उसे अल्लाह की राह पर स्थिर रहने में मदद देती है।


📜 आयत 194-198 — आल-इमरान

194رَبَّنَا وَآتِنَا مَا وَعَدتَّنَا عَلَىٰ رُسُلِكَ وَلَا تُخْزِنَا يَوْمَ الْقِيَامَةِ ۗ إِنَّكَ لَا تُخْلِفُ الْمِيعَادَ
और ऐ पालने वाले अपने रसूलों की मार्फत जो कुछ हमसे वायदा किया है हमें दे और हमें क़यामत के दिन रूसवा न कर तू तो वायदा ख़िलाफ़ी करता ही नहीं
195فَاسْتَجَابَ لَهُمْ رَبُّهُمْ أَنِّي لَا أُضِيعُ عَمَلَ عَامِلٍ مِّنكُم مِّن ذَكَرٍ أَوْ أُنثَىٰ ۖ بَعْضُكُم مِّن بَعْضٍ ۖ فَالَّذِينَ هَاجَرُوا وَأُخْرِجُوا مِن دِيَارِهِمْ وَأُوذُوا فِي سَبِيلِي وَقَاتَلُوا وَقُتِلُوا لَأُكَفِّرَنَّ عَنْهُمْ سَيِّئَاتِهِمْ وَلَأُدْخِلَنَّهُمْ جَنَّاتٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ ثَوَابًا مِّنْ عِندِ اللَّهِ ۗ وَاللَّهُ عِندَهُ حُسْنُ الثَّوَابِ
तो उनके परवरदिगार ने दुआ कुबूल कर ली और (फ़रमाया) कि हम तुममें से किसी काम करने वाले के काम को अकारत नहीं करते मर्द हो या औरत (उस में कुछ किसी की खुसूसियत नहीं क्योंकि) तुम एक दूसरे (की जिन्स) से हो जो लोग (हमारे लिए वतन आवारा हुए) और शहर बदर किए गए और उन्होंने हमारी राह में अज़ीयतें उठायीं और (कुफ्फ़र से) जंग की और शहीद हुए मैं उनकी बुराईयों से ज़रूर दरगुज़र करूंगा और उन्हें बेहिश्त के उन बाग़ों में ले जाऊॅगा जिनके नीचे नहरें जारी हैं ख़ुदा के यहॉ ये उनके किये का बदला है और ख़ुदा (ऐसा ही है कि उस) के यहॉ तो अच्छा ही बदला है
196لَا يَغُرَّنَّكَ تَقَلُّبُ الَّذِينَ كَفَرُوا فِي الْبِلَادِ
(ऐ रसूल) काफ़िरों का शहरों शहरों चैन करते फिरना तुम्हे धोखे में न डाले
197مَتَاعٌ قَلِيلٌ ثُمَّ مَأْوَاهُمْ جَهَنَّمُ ۚ وَبِئْسَ الْمِهَادُ
ये चन्द रोज़ा फ़ायदा हैं फिर तो (आख़िरकार) उनका ठिकाना जहन्नुम ही है और क्या ही बुरा ठिकाना है
198لَٰكِنِ الَّذِينَ اتَّقَوْا رَبَّهُمْ لَهُمْ جَنَّاتٌ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ خَالِدِينَ فِيهَا نُزُلًا مِّنْ عِندِ اللَّهِ ۗ وَمَا عِندَ اللَّهِ خَيْرٌ لِّلْأَبْرَارِ
मगर जिन लोगों ने अपने परवरदिगार की परहेज़गारी (इख्तेयार की उनके लिए बेहिश्त के) वह बाग़ात हैं जिनके नीचे नहरें जारीं हैं और वह हमेशा उसी में रहेंगे ये ख़ुदा की तरफ़ से उनकी (दावत है और जो साज़ो सामान) ख़ुदा के यहॉ है वह नेको कारों के वास्ते दुनिया से कहीं बेहतर है
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अनुवाद — आल-इमरान 196

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Tuesday, August 18, 2026

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