अर-रूम · 22/60
अनुवाद उच्चारण — अर-रूम
وَمِنْ آيَاتِهِ خَلْقُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَاخْتِلَافُ أَلْسِنَتِكُمْ وَأَلْوَانِكُمْ ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّلْعَالِمِينَ ۝٢٢
Wa min Aayaatihee khalqus samaawaati wal aardi wakhtilaafu alsinatikum wa alwaanikum; inna fee zaalika la Aayaatil lil`aalimeen
📖 हिंदी अर्थ
और उस (की कुदरत) की निशानियों में आसमानो और ज़मीन का पैदा करना और तुम्हारी ज़बानो और रंगतो का एख़तेलाफ भी है यकीनन इसमें वाक़िफकारों के लिए बहुत सी निशानियाँ हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • आयात: निशानियाँ, प्रमाण, चमत्कारपूर्ण संकेत
  • अल्सिनत: ज़बानें, भाषाएँ (बोलियाँ)
  • अल्वान: रंग, चेहरे के रंग
  • आलमीन: जानने वाले, विद्वान, समझदार लोग

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला अपनी बेपनाह क़ुदरत और वहदानियत (एकता) की ओर इशारा करते हुए फ़रमाता है कि उसकी बड़ी निशानियों में से एक निशानी आसमानों और ज़मीन की पैदाइश है। आसमान अपनी बुलंदी, वुसअत (चौड़ाई) और बिना किसी सहारे के क़ायम हैं, और ज़मीन अपनी फ़राख़ी (विस्तार), मज़बूती और उस पर मौजूद तमाम चीज़ों के साथ — ये सब उस ज़ात की क़ुदरत का नमूना हैं जिसने इन्हें पैदा किया।

इसी तरह, तुम्हारी ज़बानों (भाषाओं) का आपस में अलग-अलग होना — कोई अरबी बोलता है, कोई उर्दू, कोई अंग्रेज़ी, कोई हिंदी — और तुम्हारे रंगों का अलग-अलग होना — कोई गोरा, कोई काला, कोई साँवला — यह भी अल्लाह की क़ुदरत की ज़बरदस्त निशानी है। एक ही माँ-बाप की औलाद होने के बावजूद लोगों की भाषाएँ और रंग अलग-अलग होते हैं। ये सब चीज़ें इस बात का सबूत हैं कि इस कायनात का ख़ालिक़ (रचयिता) एक ही है, और वही हर चीज़ पर क़ादिर (सक्षम) है।

इन निशानियों में उन लोगों के लिए बड़ी सबक़ और इबरत (शिक्षा) है जो अक़्ल और समझ रखते हैं, जो सिर्फ़ देखते ही नहीं बल्कि ग़ौर और फ़िक्र करते हैं। जो लोग इल्म और बसीरत (अंतर्दृष्टि) के मालिक हैं, वे इन निशानियों से अपने रब को पहचानते हैं और उसकी तारीफ़ करते हैं। लेकिन जो लोग दुनिया के मामूली कामों और चमक-दमक में डूबे हैं, वे इन हक़ीक़तों से ग़ाफ़िल रहते हैं।

प्यारे भाइयो और बहनो! ज़रा सोचो — जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया, जिसने तुम्हारी ज़बानों और रंगों को अलग-अलग बनाया, क्या वह तुम्हें दोबारा ज़िंदा नहीं कर सकता? क्या वह तुम्हारे कर्मों का हिसाब नहीं ले सकता? ये निशानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि हमारा रब कितना बड़ा और क़ुदरत वाला है। उसकी नेमतों पर शुक्र अदा करो, उसकी इबादत में जुट जाओ, और इन निशानियों से सबक़ हासिल करो। जो लोग इन आयतों पर ग़ौर करते हैं, उनका ईमान मज़बूत होता है और उन्हें अपने रब की मोहब्बत और रहमत की ओर रग़बत (आकर्षण) पैदा होती है। याद रखो, अल्लाह की निशानियाँ उसके बंदों के लिए रहमत और हिदायत का ज़रिया हैं, ताकि वे सीधे रास्ते पर चलें और कामयाबी हासिल करें।



📜 आयत 20-24 — अर-रूम

20وَمِنْ آيَاتِهِ أَنْ خَلَقَكُم مِّن تُرَابٍ ثُمَّ إِذَا أَنتُم بَشَرٌ تَنتَشِرُونَ
और उस (की कुदरत) की निशानियों में ये भी है कि उसने तुमको मिट्टी से पैदा किया फिर यकायक तुम आदमी बनकर (ज़मीन पर) चलने फिरने लगे
21وَمِنْ آيَاتِهِ أَنْ خَلَقَ لَكُم مِّنْ أَنفُسِكُمْ أَزْوَاجًا لِّتَسْكُنُوا إِلَيْهَا وَجَعَلَ بَيْنَكُم مَّوَدَّةً وَرَحْمَةً ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَتَفَكَّرُونَ
और उसी की (क़ुदरत) की निशानियों में से एक ये (भी) है कि उसने तुम्हारे वास्ते तुम्हारी ही जिन्स की बीवियाँ पैदा की ताकि तुम उनके साथ रहकर चैन करो और तुम लोगों के दरमेयान प्यार और उलफ़त पैदा कर दी इसमें शक नहीं कि इसमें ग़ौर करने वालों के वास्ते (क़ुदरते ख़ुदा की) यक़ीनी बहुत सी निशानियाँ हैं
22وَمِنْ آيَاتِهِ خَلْقُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ وَاخْتِلَافُ أَلْسِنَتِكُمْ وَأَلْوَانِكُمْ ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّلْعَالِمِينَ
और उस (की कुदरत) की निशानियों में आसमानो और ज़मीन का पैदा करना और तुम्हारी ज़बानो और रंगतो का एख़तेलाफ भी है यकीनन इसमें वाक़िफकारों के लिए बहुत सी निशानियाँ हैं
23وَمِنْ آيَاتِهِ مَنَامُكُم بِاللَّيْلِ وَالنَّهَارِ وَابْتِغَاؤُكُم مِّن فَضْلِهِ ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَسْمَعُونَ
और रात और दिन को तुम्हारा सोना और उसके फज़ल व करम (रोज़ी) की तलाश करना भी उसकी (क़ुदरत की) निशानियों से है बेशक जो लोग सुनते हैं उनके लिए इसमें (क़ुदरते ख़ुदा की) बहुत सी निशानियाँ हैं
24وَمِنْ آيَاتِهِ يُرِيكُمُ الْبَرْقَ خَوْفًا وَطَمَعًا وَيُنَزِّلُ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَيُحْيِي بِهِ الْأَرْضَ بَعْدَ مَوْتِهَا ۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَاتٍ لِّقَوْمٍ يَعْقِلُونَ
और उसी की (क़ुदरत की) निशानियों में से एक ये भी है कि वह तुमको डराने वाला उम्मीद लाने के वास्ते बिजली दिखाता है और आसमान से पानी बरसाता है और उसके ज़रिए से ज़मीन को उसके परती होने के बाद आबाद करता है बेशक अक्लमंदों के वास्ते इसमें (क़ुदरते ख़ुदा की) बहुत सी दलीलें हैं
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अनुवाद — अर-रूम 22

सूरा अर-रूम आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उस (की कुदरत) की निशानियों में आसमानो और ज़मीन…

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Tuesday, August 18, 2026

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