अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आयात: निशानियाँ, प्रमाण, चमत्कारपूर्ण संकेत
- अल्सिनत: ज़बानें, भाषाएँ (बोलियाँ)
- अल्वान: रंग, चेहरे के रंग
- आलमीन: जानने वाले, विद्वान, समझदार लोग
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपनी बेपनाह क़ुदरत और वहदानियत (एकता) की ओर इशारा करते हुए फ़रमाता है कि उसकी बड़ी निशानियों में से एक निशानी आसमानों और ज़मीन की पैदाइश है। आसमान अपनी बुलंदी, वुसअत (चौड़ाई) और बिना किसी सहारे के क़ायम हैं, और ज़मीन अपनी फ़राख़ी (विस्तार), मज़बूती और उस पर मौजूद तमाम चीज़ों के साथ — ये सब उस ज़ात की क़ुदरत का नमूना हैं जिसने इन्हें पैदा किया।
इसी तरह, तुम्हारी ज़बानों (भाषाओं) का आपस में अलग-अलग होना — कोई अरबी बोलता है, कोई उर्दू, कोई अंग्रेज़ी, कोई हिंदी — और तुम्हारे रंगों का अलग-अलग होना — कोई गोरा, कोई काला, कोई साँवला — यह भी अल्लाह की क़ुदरत की ज़बरदस्त निशानी है। एक ही माँ-बाप की औलाद होने के बावजूद लोगों की भाषाएँ और रंग अलग-अलग होते हैं। ये सब चीज़ें इस बात का सबूत हैं कि इस कायनात का ख़ालिक़ (रचयिता) एक ही है, और वही हर चीज़ पर क़ादिर (सक्षम) है।
इन निशानियों में उन लोगों के लिए बड़ी सबक़ और इबरत (शिक्षा) है जो अक़्ल और समझ रखते हैं, जो सिर्फ़ देखते ही नहीं बल्कि ग़ौर और फ़िक्र करते हैं। जो लोग इल्म और बसीरत (अंतर्दृष्टि) के मालिक हैं, वे इन निशानियों से अपने रब को पहचानते हैं और उसकी तारीफ़ करते हैं। लेकिन जो लोग दुनिया के मामूली कामों और चमक-दमक में डूबे हैं, वे इन हक़ीक़तों से ग़ाफ़िल रहते हैं।
प्यारे भाइयो और बहनो! ज़रा सोचो — जिसने आसमानों और ज़मीन को पैदा किया, जिसने तुम्हारी ज़बानों और रंगों को अलग-अलग बनाया, क्या वह तुम्हें दोबारा ज़िंदा नहीं कर सकता? क्या वह तुम्हारे कर्मों का हिसाब नहीं ले सकता? ये निशानियाँ हमें याद दिलाती हैं कि हमारा रब कितना बड़ा और क़ुदरत वाला है। उसकी नेमतों पर शुक्र अदा करो, उसकी इबादत में जुट जाओ, और इन निशानियों से सबक़ हासिल करो। जो लोग इन आयतों पर ग़ौर करते हैं, उनका ईमान मज़बूत होता है और उन्हें अपने रब की मोहब्बत और रहमत की ओर रग़बत (आकर्षण) पैदा होती है। याद रखो, अल्लाह की निशानियाँ उसके बंदों के लिए रहमत और हिदायत का ज़रिया हैं, ताकि वे सीधे रास्ते पर चलें और कामयाबी हासिल करें।
📜 आयत 20-24 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 22
सूरा अर-रूम आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उस (की कुदरत) की निशानियों में आसमानो और ज़मीन…सूरा आयत 22/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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