अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَرُّوا سُجَّدًا: वे सजदे में गिर पड़ते हैं, अर्थात अल्लाह के आगे झुक जाते हैं।
- سَبَّحُوا بِحَمْدِ رَبِّهِمْ: वे अपने रब की तस्बीह (पवित्रता का वर्णन) करते हैं और उसकी हम्द (प्रशंसा) करते हैं।
- لَا يَسْتَكْبِرُونَ: वे घमंड नहीं करते, अर्थात अल्लाह की इबादत से सिर नहीं झुकाते।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत मोमिनों की पहचान बयान करती है। अल्लाह तआला फरमाता है कि हमारी आयतों पर सच्चा ईमान सिर्फ वही लाते हैं जिनके दिल ज़िंदा होते हैं। जब उन्हें हमारी आयतों की नसीहत दी जाती है या क़ुरआन की आयतें पढ़ी जाती हैं, तो वे तुरंत अल्लाह के सामने सजदे में गिर पड़ते हैं। यह सजदा उनके दिल की गहराई से निकलता है, जो अल्लाह के डर और उसकी महानता के एहसास से भरा होता है। वे इस सजदे में अल्लाह की तस्बीह करते हैं और उसकी हम्द बयान करते हैं, यानी उसे हर ऐब से पाक मानते हैं और उसकी नेमतों का शुक्र अदा करते हैं। साथ ही, वे अल्लाह की इबादत और उसके हुक्म के आगे सर झुकाने में कभी घमंड नहीं करते। चाहे उन्हें कोई भी मुकाम हासिल हो, वे खुद को अल्लाह का बंदा समझते हैं और उसकी रज़ा के आगे अपनी इच्छाओं को छोड़ देते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान सिर्फ ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि दिल और अमल का सच्चा रिश्ता है। जब क़ुरआन की आयतें सुनाई दें, तो हमारा दिल पिघल जाए, हमारी आँखें नम हों और हमारा बदन अल्लाह के सामने झुक जाए। यही वह निशानी है जो हमें सच्चे मोमिनों की सूची में शामिल करती है। अल्लाह तआला हमें इस गुण से नवाज़े और हमारे दिलों को अपनी आयतों के लिए नरम कर दे। आमीन।
📜 आयत 13-17 — अस-सजदा
अनुवाद — अस-सजदा 15
सूरा अस-सजदा आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमारी आयतों पर ईमान बस वही लोग लाते हैं कि…सूरा आयत 15/30 — अस-सजदा السجدة (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-सजदा सुनें, अस-सजदा अनुवाद, अस-सजदा mp3, अस-सजदा pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








