अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَاتِ اللَّهِ: अल्लाह की आयतें, यानी कुरआन की आयतें।
- الْحِكْمَةِ: हिकमत, यानी रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत और उनके मुबारक अक़वाल व अफ़आल।
- لَطِيفًا: बड़ा मेहरबान और बारीकबीन, जो अपने बंदों के हाल से पूरी तरह वाक़िफ हो और उन पर कृपा करने वाला हो।
- خَبِيرًا: ख़बर रखने वाला, जो हर चीज़ की हक़ीक़त से बाख़बर हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में नबी ﷺ की पाक बीवियों को ख़िताब करके उन्हें एक बड़ी नेमत की याद दिलाई है। वह फ़रमाते हैं: "और याद करो उसे जो तुम्हारे घरों में पढ़ा जाता है, अल्लाह की आयतें और हिकमत।" यानी तुम्हारे घर वो मुबारक घर हैं जहाँ अल्लाह का कलाम (कुरआन) उतरता था, और रसूलुल्लाह ﷺ की सुन्नत और हिकमत का नुज़ूल होता था। यह एक बहुत बड़ा शरफ़ और एहसान है जो अल्लाह ने उन्हें अता किया।
इस आयत में "याद करो" का मतलब सिर्फ़ ज़ुबान से याद करना नहीं है, बल्कि इसे अपने दिल में बसाना, उस पर अमल करना, उसकी क़द्र करना और उसे दूसरों तक पहुँचाना भी है। क्योंकि जिस घर में अल्लाह की आयतें पढ़ी जाती हैं, वह घर नूर से भर जाता है, और वहाँ रहने वालों को चाहिए कि वे इस नेमत की शुक्रगुज़ारी करें और इसकी क़द्र करें।
फिर अल्लाह फ़रमाता है: "बेशक अल्लाह लतीफ़ और ख़बीर है।" यानी अल्लाह अपने बंदों पर बड़ा मेहरबान है, वह जानता है कि उसने यह नेमत किसे देनी है और किसे नहीं। उसने इन पाक बीवियों को चुना, क्योंकि वह जानता था कि ये इस शरफ़ की हक़दार हैं। वह उनके हाल से बाख़बर था, इसलिए उसने उन्हें नबी ﷺ की ज़ौजियत का शरफ़ अता किया और उन्हें उम्मत की माओं का दर्जा दिया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतों को याद रखना और उनकी क़द्र करना कितना अहम है। जिस घर में कुरआन पढ़ा जाता है और सुन्नत पर अमल होता है, वह घर दुनिया और आख़िरत दोनों में बरकत वाला होता है। हमें भी अपने घरों को कुरआन और सुन्नत की रौशनी से मुनव्वर करना चाहिए, ताकि हमारे घर भी उन मुबारक घरों की तरह बन सकें जिनका ज़िक्र अल्लाह ने कुरआन में किया है। अल्लाह लतीफ़ है, वह अपने बंदों पर मेहरबानी करता है और उन्हें तौफ़ीक़ देता है, बशर्ते वे उसकी तरफ़ रुजू करें और उसके कलाम को अपनी ज़िंदगी में नफ़ाज़ दें।
📜 आयत 32-36 — अल-अहज़ाब
अनुवाद — अल-अहज़ाब 34
सूरा अल-अहज़ाब आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ नबी की बीबियों) तुम्हारे घरों में जो खुदा…सूरा आयत 34/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








