फातिर · 24/45
अनुवाद उच्चारण — फातिर
إِنَّا أَرْسَلْنَاكَ بِالْحَقِّ بَشِيرًا وَنَذِيرًا ۚ وَإِن مِّنْ أُمَّةٍ إِلَّا خَلَا فِيهَا نَذِيرٌ ۝٢٤
Innaa arsalnaak bil haqqi basheeranw wa nazeeraa; wa im min ummatin illaa khalaa feehaa nazeer
📖 हिंदी अर्थ
हम ही ने तुमको यक़ीनन कुरान के साथ खुशख़बरी देने वाला और डराने वाला ( पैग़म्बर) बनाकर भेजा और कोई उम्मत (दुनिया में)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بِالْحَقِّ: सत्य और एकेश्वरवाद के साथ।
  • بَشِيرًا: (ईमानवालों को) स्वर्ग का शुभ समाचार देने वाला।
  • نَذِيرًا: (काफिरों को) अल्लाह के अज़ाब से डराने वाला।
  • أُمَّةٍ: समुदाय या राष्ट्र (पिछली उम्मतें)।
  • خَلَا: गुज़र चुकी है, बीत चुकी है।
  • نَذِيرٌ: डराने वाला (नबी या रसूल)।

तफ़सीर:

ऐ नबी! हमने आपको सत्य के साथ भेजा है — यह सत्य इस्लाम का मार्ग है, जो अल्लाह की वहादत (एकता) और उसके दीन पर आधारित है। आपका मिशन दोहरा है: बशीर (शुभ समाचार देने वाला) — जो ईमान लाए और आपके बताए रास्ते पर चले, उसे जन्नत की खुशखबरी दें; और नज़ीर (डराने वाला) — जो आपको झुठलाए और नाफ़रमानी करे, उसे जहन्नम के अज़ाब से आगाह करें। यही अल्लाह का तरीका रहा है कि उसने हर उम्मत में एक नबी भेजा, जो उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराता और उसकी रहमत की ओर बुलाता रहा। कोई भी समुदाय ऐसा नहीं गुज़रा जिसके पास अल्लाह का कोई डराने वाला (रसूल या नबी) न आया हो। यह अल्लाह की रहमत और न्याय का प्रमाण है कि उसने किसी पर बिना चेतावनी के अज़ाब नाज़िल नहीं किया।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का पैग़ाम हमेशा सत्य और न्याय पर आधारित रहा है। वह कभी किसी को बिना मौका दिए सज़ा नहीं देता। हर ज़माने में उसने हिदायत का रास्ता दिखाने के लिए नबी भेजे। यह हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है कि हमें कुरआन और रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की शिक्षाएँ मिलीं। हमें चाहिए कि इस सत्य को अपनाएँ, नबी की बशारत (शुभ समाचार) पर ईमान लाएँ और उनकी चेतावनी से सबक़ लें। यही हमारी कामयाबी का ज़रिया है — दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में जन्नत। अल्लाह की रहमत से निराश न हों, क्योंकि उसका दरवाज़ा तौबा करने वालों के लिए हमेशा खुला है।

🎧 सुनें

📜 आयत 22-26 — फातिर

22وَمَا يَسْتَوِي الْأَحْيَاءُ وَلَا الْأَمْوَاتُ ۚ إِنَّ اللَّهَ يُسْمِعُ مَن يَشَاءُ ۖ وَمَا أَنتَ بِمُسْمِعٍ مَّن فِي الْقُبُورِ
और न ज़िन्दे (मोमिनीन) और न मुर्दें (क़ाफिर) बराबर हो सकते हैं और खुदा जिसे चाहता है अच्छी तरह सुना (समझा) देता है और (ऐ रसूल) जो (कुफ्फ़ार मुर्दों की तरह) क़ब्रों में हैं उन्हें तुम अपनी (बातें) नहीं समझा सकते हो
23إِنْ أَنتَ إِلَّا نَذِيرٌ
तुम तो बस (एक खुदा से) डराने वाले हो
24إِنَّا أَرْسَلْنَاكَ بِالْحَقِّ بَشِيرًا وَنَذِيرًا ۚ وَإِن مِّنْ أُمَّةٍ إِلَّا خَلَا فِيهَا نَذِيرٌ
हम ही ने तुमको यक़ीनन कुरान के साथ खुशख़बरी देने वाला और डराने वाला ( पैग़म्बर) बनाकर भेजा और कोई उम्मत (दुनिया में)
25وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كَذَّبَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ جَاءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِالْبَيِّنَاتِ وَبِالزُّبُرِ وَبِالْكِتَابِ الْمُنِيرِ
ऐसी नहीं गुज़री कि उसके पास (हमारा) डराने वाला पैग़म्बर न आया हो और अगर ये लोग तुम्हें झुठलाएँ तो कुछ परवाह नहीं करो क्योंकि इनके अगलों ने भी (अपने पैग़म्बरों को) झुठलाया है (हालाँकि) उनके पास उनके पैग़म्बर वाज़ेए व रौशन मौजिजे अौर सहीफ़े और रौशन किताब लेकर आए थे
26ثُمَّ أَخَذْتُ الَّذِينَ كَفَرُوا ۖ فَكَيْفَ كَانَ نَكِيرِ
फिर हमने उन लोगों को जो काफ़िर हो बैठे ले डाला तो (तुमने देखाकि) मेरा अज़ाब (उन पर) कैसा (सख्त हुआ
फातिरकुरान सूची
45आयत
मक्कीRevelation
24आयत

अनुवाद — फातिर 24

सूरा फातिर आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हम ही ने तुमको यक़ीनन कुरान के साथ खुशख़बरी देने…

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Tuesday, August 18, 2026

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