फातिर · 23/45
अनुवाद उच्चारण — फातिर
إِنْ أَنتَ إِلَّا نَذِيرٌ ۝٢٣
In anta illaa nazeer
📖 हिंदी अर्थ
तुम तो बस (एक खुदा से) डराने वाले हो

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • نَذِيرٌ: डराने वाला, सचेत करने वाला, जो लोगों को अल्लाह के अज़ाब से आगाह करे।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप तो केवल एक डराने वाले (नज़ीर) हैं। आपका काम लोगों को अल्लाह के अज़ाब से सचेत करना है, उन्हें आगाह करना है कि कुफ़्र और गुनाह का अंजाम बहुत भयानक है। जिस तरह अंधा और आँखों वाला बराबर नहीं हो सकते, उसी तरह अंधेरे और उजाले, ठंडी छाँव और तेज़ गर्म हवा, ज़िंदा और मुर्दा कभी एक समान नहीं हो सकते। यही हाल ईमान और कुफ़्र का है — जिसका दिल ईमान की रोशनी से ज़िंदा है और जिसका दिल कुफ़्र के अंधेरे में मुर्दा है, दोनों कभी बराबर नहीं हो सकते।

अल्लाह ही है जो जिसे चाहता है सुनने की तौफ़ीक़ देता है — सुनना जो समझ और क़बूलियत के साथ हो। लेकिन आप उन लोगों को नहीं सुना सकते जो क़ब्रों में दफ़्न हैं। जिस तरह मुर्दे अपनी क़ब्रों में आपकी आवाज़ नहीं सुन सकते, उसी तरह ये काफ़िर भी अपने दिलों की मौत की वजह से हक़ की आवाज़ नहीं सुन पाते। आपका काम सिर्फ़ यही है कि आप उन्हें अल्लाह के ग़ज़ब और अज़ाब से डराएँ।

और याद रखें, अल्लाह ने आपको हक़ के साथ भेजा है — यानी ईमान और दीन की पूरी तालीम के साथ — ताकि आप उन लोगों को ख़ुशख़बरी सुनाएँ जो आपकी तस्दीक़ करें और आपके बताए रास्ते पर चलें, उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी; और उन्हें डराएँ जो आपको झुठलाएँ और नाफ़रमानी करें, उन्हें जहन्नुम की आग से आगाह करें। यह कोई नई बात नहीं है — हर उम्मत में अल्लाह ने नज़ीर (डराने वाला) भेजा, ताकि कोई उम्मत बिना आगाही के अज़ाब में न पड़े।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का रहमत भरा इंतज़ाम कितना कामिल है — उसने हर ज़माने में हिदायत का ज़रिया भेजा, ताकि कोई बहाना न बचे। और हमारे नबी ﷺ का मक़ाम कितना बुलंद है कि वे आख़िरी नज़ीर हैं, जिनके बाद कोई नबी नहीं। यह हमारी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम इस नेमत की क़द्र करें, नबी ﷺ की बताई राह पर चलें, और उन लोगों की तरह न हों जिनके दिल मुर्दा हो गए। जो लोग हिदायत की तौफ़ीक़ पा जाएँ, उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी है, और जो अज़ाब से डरें, वही असल में अक़्लमंद हैं। आइए हम अपने दिलों को ईमान की रोशनी से ज़िंदा करें और अल्लाह के नज़ीर की बात को क़बूल करें, ताकि दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी हासिल हो।



📜 आयत 21-25 — फातिर

21وَلَا الظِّلُّ وَلَا الْحَرُورُ
और न छाँव (बेहिश्त) और धूप (दोज़ख़ बराबर है)
22وَمَا يَسْتَوِي الْأَحْيَاءُ وَلَا الْأَمْوَاتُ ۚ إِنَّ اللَّهَ يُسْمِعُ مَن يَشَاءُ ۖ وَمَا أَنتَ بِمُسْمِعٍ مَّن فِي الْقُبُورِ
और न ज़िन्दे (मोमिनीन) और न मुर्दें (क़ाफिर) बराबर हो सकते हैं और खुदा जिसे चाहता है अच्छी तरह सुना (समझा) देता है और (ऐ रसूल) जो (कुफ्फ़ार मुर्दों की तरह) क़ब्रों में हैं उन्हें तुम अपनी (बातें) नहीं समझा सकते हो
23إِنْ أَنتَ إِلَّا نَذِيرٌ
तुम तो बस (एक खुदा से) डराने वाले हो
24إِنَّا أَرْسَلْنَاكَ بِالْحَقِّ بَشِيرًا وَنَذِيرًا ۚ وَإِن مِّنْ أُمَّةٍ إِلَّا خَلَا فِيهَا نَذِيرٌ
हम ही ने तुमको यक़ीनन कुरान के साथ खुशख़बरी देने वाला और डराने वाला ( पैग़म्बर) बनाकर भेजा और कोई उम्मत (दुनिया में)
25وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كَذَّبَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ جَاءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِالْبَيِّنَاتِ وَبِالزُّبُرِ وَبِالْكِتَابِ الْمُنِيرِ
ऐसी नहीं गुज़री कि उसके पास (हमारा) डराने वाला पैग़म्बर न आया हो और अगर ये लोग तुम्हें झुठलाएँ तो कुछ परवाह नहीं करो क्योंकि इनके अगलों ने भी (अपने पैग़म्बरों को) झुठलाया है (हालाँकि) उनके पास उनके पैग़म्बर वाज़ेए व रौशन मौजिजे अौर सहीफ़े और रौशन किताब लेकर आए थे
फातिरकुरान सूची
45आयत
मक्कीRevelation
23आयत

अनुवाद — फातिर 23

सूरा फातिर आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम तो बस (एक खुदा से) डराने वाले हो

सूरा आयत 23/45 — फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फातिर सुनें, फातिर अनुवाद, फातिर mp3, फातिर pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए