फातिर · 25/45
अनुवाद उच्चारण — सूरा फातिर
وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كَذَّبَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ جَاءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِالْبَيِّنَاتِ وَبِالزُّبُرِ وَبِالْكِتَابِ الْمُنِيرِ ۝٢٥
Wa inyukazzibooka faqad kazzabal lazeena min qablihim jaaa`at hum Rusuluhum bilbaiyinaati wa biz Zuburi wa bil Kitaabil Muneer
📖 हिंदी अर्थ
ऐसी नहीं गुज़री कि उसके पास (हमारा) डराने वाला पैग़म्बर न आया हो और अगर ये लोग तुम्हें झुठलाएँ तो कुछ परवाह नहीं करो क्योंकि इनके अगलों ने भी (अपने पैग़म्बरों को) झुठलाया है (हालाँकि) उनके पास उनके पैग़म्बर वाज़ेए व रौशन मौजिजे अौर सहीफ़े और रौशन किताब लेकर आए थे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • بِالْبَيِّنَاتِ: स्पष्ट चमत्कार और प्रमाण जो पैगंबरों की सच्चाई को दर्शाते हैं।
  • بِالزُّبُرِ: वे पुस्तकें और सहीफे (पर्चे) जिनमें बहुत से आदेश और नसीहतें एकत्र थीं, जैसे हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) के सहीफे।
  • الْكِتَابِ الْمُنِيرِ: वह स्पष्ट और रोशन किताब जो अच्छाई और बुराई का रास्ता साफ़ कर देती है, जैसे तौरात और इंजील।

तफ़सीर:

ऐ नबी! अगर आपकी क़ौम के मुशरिक लोग आपको झुठलाते हैं, तो आप अकेले नहीं हैं जिन्हें झुठलाया गया हो। आपसे पहले की उम्मतों ने भी अपने पैगंबरों को झुठलाया था। आद, समूद और क़ौमे लूत जैसी उम्मतों ने अपने रसूलों को नकारा, जबकि वे रसूल उनके पास अल्लाह की तरफ से स्पष्ट चमत्कार और निशानियाँ लेकर आए थे जो उनकी सच्चाई पर गवाही दे रही थीं। उनके पास वे किताबें भी आईं जिनमें कई आदेश और हिदायतें एकत्र थीं, और वह रोशन किताब भी आई जो साफ़ तौर पर हक़ और बातिल, नेकी और गुनाह का रास्ता दिखाती थी। इसके बावजूद उन्होंने ईमान नहीं लाया और झुठलाया।

यह आयत हमें सिखाती है कि नबी की राह हमेशा से कठिन रही है, लेकिन सब्र और अल्लाह पर भरोसा ही कामयाबी की कुंजी है। जिस तरह पिछली उम्मतों ने अपने पैगंबरों को झुठलाया, लेकिन अल्लाह ने अपने नबियों की मदद की और झुठलाने वालों को सज़ा दी, उसी तरह आपको भी सब्र करना चाहिए और यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह की मदद ज़रूर आएगी। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह के रसूल हमेशा स्पष्ट प्रमाणों और रोशन किताबों के साथ आए, ताकि लोगों के पास कोई बहाना न बचे।

प्यारे भाइयों और बहनों! हमें चाहिए कि हम अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत पर चलें और उनके लाए हुए कुरान को पढ़ें और समझें, क्योंकि यही वह रोशन किताब है जो हमें ज़िंदगी की हर मंज़िल पर राह दिखाती है। जो लोग इसे झुठलाते हैं, वही नुकसान में रहेंगे, और जो इसे मानेंगे, उनके लिए दुनिया और आख़िरत में कामयाबी है। अल्लाह हमें सच्चे दिल से कुरान को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 23-27 — सूरा फातिर

23إِنْ أَنتَ إِلَّا نَذِيرٌ
तुम तो बस (एक खुदा से) डराने वाले हो
24إِنَّا أَرْسَلْنَاكَ بِالْحَقِّ بَشِيرًا وَنَذِيرًا ۚ وَإِن مِّنْ أُمَّةٍ إِلَّا خَلَا فِيهَا نَذِيرٌ
हम ही ने तुमको यक़ीनन कुरान के साथ खुशख़बरी देने वाला और डराने वाला ( पैग़म्बर) बनाकर भेजा और कोई उम्मत (दुनिया में)
25وَإِن يُكَذِّبُوكَ فَقَدْ كَذَّبَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ جَاءَتْهُمْ رُسُلُهُم بِالْبَيِّنَاتِ وَبِالزُّبُرِ وَبِالْكِتَابِ الْمُنِيرِ
ऐसी नहीं गुज़री कि उसके पास (हमारा) डराने वाला पैग़म्बर न आया हो और अगर ये लोग तुम्हें झुठलाएँ तो कुछ परवाह नहीं करो क्योंकि इनके अगलों ने भी (अपने पैग़म्बरों को) झुठलाया है (हालाँकि) उनके पास उनके पैग़म्बर वाज़ेए व रौशन मौजिजे अौर सहीफ़े और रौशन किताब लेकर आए थे
26ثُمَّ أَخَذْتُ الَّذِينَ كَفَرُوا ۖ فَكَيْفَ كَانَ نَكِيرِ
फिर हमने उन लोगों को जो काफ़िर हो बैठे ले डाला तो (तुमने देखाकि) मेरा अज़ाब (उन पर) कैसा (सख्त हुआ
27أَلَمْ تَرَ أَنَّ اللَّهَ أَنزَلَ مِنَ السَّمَاءِ مَاءً فَأَخْرَجْنَا بِهِ ثَمَرَاتٍ مُّخْتَلِفًا أَلْوَانُهَا ۚ وَمِنَ الْجِبَالِ جُدَدٌ بِيضٌ وَحُمْرٌ مُّخْتَلِفٌ أَلْوَانُهَا وَغَرَابِيبُ سُودٌ
अब क्या तुमने इस पर भी ग़ौर नहीं किया कि यक़ीनन खुदा ही ने आसमान से पानी बरसाया फिर हम (खुदा) ने उसके ज़रिए से तरह-तरह की रंगतों के फल पैदा किए और पहाड़ों में क़तआत (टुकड़े रास्ते) हैं जिनके रंग मुख़तलिफ है कुछ तो सफेद (बुर्राक़) और कुछ लाल (लाल) और कुछ बिल्कुल काले सियाह
फातिरकुरान सूची
45आयत
मक्कीअवतरण स्थान
25आयत

अनुवाद — फातिर 25

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सूरा आयत 25/45 — सूरा फातिर فاطر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा फातिर सुनें, सूरा फातिर अनुवाद, सूरा फातिर mp3, सूरा फातिर pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.





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Friday, October 2, 2026

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