अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الْحَمْدُ: समस्त प्रशंसा और स्तुति, जो प्रेम और सम्मान के साथ हो।
- رَبِّ الْعَالَمِينَ: समस्त संसारों (सृष्टियों) का पालनहार, पोषणहार और प्रबंधक।
व्याख्या:
यह आयत सूरह अस-साफ्फात की अंतिम आयत है, जिसमें अल्लाह तआला अपनी महान शक्ति और अपने नबियों की सहायता का वर्णन करने के बाद यह घोषणा करता है कि समस्त प्रशंसा और स्तुति केवल अल्लाह ही के लिए है। वह अकेला ही इसका हकदार है, उसका कोई साझीदार नहीं। यह प्रशंसा उसे इस लोक (दुनिया) में भी प्राप्त है और आख़िरत (परलोक) में भी, क्योंकि वही सबका पालनहार, पोषणहार और प्रबंधक है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने अपने नबियों की सहायता की, उनके शत्रुओं को विनष्ट किया, और यह सब उसकी रहमत और कृपा का परिणाम है। इसलिए, हर हालत में — चाहे सुख हो या दुख, विजय हो या परीक्षा — हमें अल्लाह की प्रशंसा करनी चाहिए और उसका शुक्र अदा करना चाहिए।
दृष्टिकोण (उपदेश):
यह आयत हमें यह शिक्षा देती है कि जीवन के हर क्षण में अल्लाह की प्रशंसा करना चाहिए। जब हम अपने दिल से यह स्वीकार करते हैं कि सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है, तो हमारा दिल विनम्र हो जाता है, हमारा अहंकार समाप्त होता है, और हम अल्लाह के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करते हैं। यह हमें सिखाता है कि सफलता और असफलता, दोनों में अल्लाह की योजना पर भरोसा रखें, क्योंकि वही सबका रब है। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की ओर ले जाता है, जहाँ हमेशा की ज़िंदगी में भी यही प्रशंसा दोहराई जाएगी — "अल्हम्दुलिल्लाहि रब्बिल आलमीन।"
इस आयत को पढ़कर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपने जीवन के हर पहलू में अल्लाह के प्रति आभारी रहेंगे, उसकी आज्ञाओं का पालन करेंगे, और उसकी रहमत की कामना करते हुए उसकी प्रशंसा करते रहेंगे। यही सच्ची सफलता है — अल्लाह की रज़ा प्राप्त करना और उसकी प्रशंसा में जीवन बिताना।
📜 आयत 180-182 — अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 182
सूरा अस-साफ्फात आयत 182 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और कुल तारीफ खुदा ही के लिए सज़ावार हैं जो…सूरा आयत 182/182 — अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अस-साफ्फात सुनें, अस-साफ्फात अनुवाद, अस-साफ्फात mp3, अस-साफ्फात pdf. आयत 180–182. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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