अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जन्नातिन नईम: ऐसे बाग़ जिनमें हर प्रकार की नेमतें और सुख-सुविधाएँ भरी हों, जो कभी समाप्त न हों।
तफ़सीर:
यह आयत उन मोमिनों के उस सम्मान और इनाम का वर्णन कर रही है जो उन्हें अल्लाह की ओर से मिलेगा। यह वही लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह के आदेशों का पालन किया, उसकी राह में कष्ट सहे और सब्र किया। उनके लिए जो रिज़्क़ और सम्मान तैयार किया गया है, वह सब उन्हें "जन्नातिन नईम" में मिलेगा — यानी ऐसे बाग़ जिनमें केवल और केवल नेमत है, कोई कमी नहीं, कोई दुख नहीं, कोई थकान नहीं। यह नेमतें स्थायी हैं, कभी खत्म नहीं होंगी, और न ही उनमें कोई कमी आएगी। यह जन्नत अल्लाह की ओर से उसके नेक बंदों के लिए एक विशेष उपहार है, जहाँ हर तरह की खुशी, आराम और आनंद उनका इंतज़ार कर रहा है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें उस महान इनाम की याद दिलाती है जो अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। जब हमें पता चले कि हमारे सब्र, हमारी नेकियों और अल्लाह की राह में किए गए हर अच्छे काम का बदला इतना शानदार है, तो हमारा दिल खुशी से भर जाता है और हम और अधिक अच्छे काम करने की तरफ बढ़ते हैं। यह जन्नत सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक सच्चाई है जो हर उस इंसान का इंतज़ार कर रही है जो अल्लाह पर ईमान रखता है और उसकी राह पर चलता है। आओ, हम सब अपने अमल को सुधारें और इस अज़ीम नेमत को पाने की कोशिश करें, क्योंकि यही असली कामयाबी है।
📜 आयत 41-45 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 43
सूरा अस-साफ्फात आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह लोग बड़ी इज्ज़त से नेअमत के (लदे हुए)सूरा आयत 43/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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