Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَوَاكِهُ: विभिन्न प्रकार के मीठे फल
- مُكْرَمُونَ: सम्मानित किए गए, आदर-सम्मान से नवाज़े गए
तफ़सीर:
यह आयत उन मोमिनों के उस अद्भुत इनाम का वर्णन कर रही है जो अल्लाह तआला ने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। जन्नत में उनके लिए तरह-तरह के स्वादिष्ट फल होंगे — जैसे अंगूर, खजूर, अनार, केले और वे सारे फल जिन्हें वे चाहेंगे। ये फल इतने लज़ीज़ और बेहतरीन होंगे कि दुनिया के किसी भी फल से उनकी तुलना नहीं की जा सकती।
लेकिन इससे भी बढ़कर — और यही सबसे बड़ी नेमत है — वे मुकरमून होंगे, यानी अल्लाह की ओर से उन्हें विशेष सम्मान और इज़्ज़त प्राप्त होगी। उन्हें जन्नत के ऊँचे दर्जे दिए जाएँगे, और सबसे बड़ा सम्मान यह होगा कि वे अपने रब के दीदार (दर्शन) से नवाज़े जाएँगे। यह वह इज़्ज़त है जिसका कोई मुकाबला नहीं — यह अल्लाह की रहमत और करम का सर्वोच्च प्रकटीकरण है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को सिर्फ़ खाने-पीने की चीज़ें ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें ऐसी इज़्ज़त और सम्मान से नवाज़ेगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है कि हम अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें, उसकी इबादत करें और उसके रास्ते पर चलें — ताकि हम भी उन मुकरमीन में शामिल हो सकें जिन्हें अल्लाह की जन्नत और उसका दीदार नसीब होगा।
याद रखिए, यह दुनिया का जीवन बहुत छोटा है, लेकिन आख़िरत का जीवन हमेशा का है। जो लोग इस छोटी सी ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों का पालन करते हैं, उनके लिए वहाँ ऐसी नेमतें हैं जो कभी ख़त्म नहीं होंगी। अल्लाह हम सबको अपनी जन्नत और अपने दीदार से नवाज़े। आमीन।
📜 आयत 40-44 — सूरा अस-साफ्फात
अनुवाद — अस-साफ्फात 42
सूरा अस-साफ्फात आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और वह भी ऐसी वैसी नहीं) हर क़िस्म के मेवेसूरा आयत 42/182 — सूरा अस-साफ्फात الصافات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अस-साफ्फात सुनें, सूरा अस-साफ्फात अनुवाद, सूरा अस-साफ्फात mp3, सूरा अस-साफ्फात pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अस-साफ्फात
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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