अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مُنذِرٌ: डराने वाला, सचेत करने वाला (जो लोगों को अल्लाह के अज़ाब से आगाह करे)
- سَاحِرٌ: जादूगर
- كَذَّابٌ: बहुत झूठ बोलने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह के नबी मुहम्मद ﷺ ने मक्का के काफ़िरों को एक अल्लाह की इबादत की दावत दी और उन्हें अल्लाह के अज़ाब से डराया, तो उन काफ़िरों को यह बात बहुत अजीब लगी। उन्होंने इस बात पर हैरानी ज़ाहिर की कि अल्लाह ने उन्हीं में से एक इंसान को रसूल बनाकर भेजा है। उनका यह अचरज इसलिए था क्योंकि उनके दिलों में यह बात बैठा दी गई थी कि रसूल फ़रिश्ता होना चाहिए, या कम से कम कोई ऐसी शख्सियत हो जो उनकी नज़रों में बड़ी हो। लेकिन अल्लाह की रहमत और हिकमत यह थी कि वह हमेशा इंसानों में से ही रसूल चुनता है, ताकि लोग उनसे सीधे मिल सकें, उनकी बातें समझ सकें और उनके अच्छे आचरण को देखकर उनकी पैरवी कर सकें।
जब नबी ﷺ ने उन्हें बताया कि तुम्हारा इलाह (माबूद) सिर्फ एक है, तो उन्होंने यह बात सुनकर न सिर्फ हैरानी ज़ाहिर की, बल्कि उनका अहंकार और जिद उन्हें सच्चाई क़बूल करने से रोकती रही। उन्होंने कहा: "यह आदमी जादूगर है और बहुत झूठा है।" उन्होंने नबी ﷺ की दावत को जादू का असर बताया और उन्हें झूठा कहा, ताकि लोग उनकी बात न मानें। यह उनकी साज़िश थी कि वे सच्चाई को छिपाने के लिए ऐसे इल्ज़ामात लगाते रहे।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब सच्चाई सामने आती है, तो बातिल (असत्य) के लोग उसे झुठलाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाते हैं। लेकिन सच्चाई कभी छिपती नहीं। अल्लाह का दीन हमेशा बुलंद रहता है, चाहे काफ़िर कितना ही इनकार करें। हमें चाहिए कि हम नबी ﷺ की सुन्नत पर चलें और उनकी दावत को अपनी ज़िंदगी में अपनाएँ, क्योंकि उन्हीं के रास्ते पर चलकर हम दुनिया और आख़िरत की कामयाबी हासिल कर सकते हैं। अल्लाह हमें सच्चाई को क़बूल करने और उस पर साबित क़दम रहने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 2-6 — सूरा साद
अनुवाद — साद 4
सूरा साद आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन लोगों ने इस बात से ताज्जुब किया कि…सूरा आयत 4/88 — सूरा साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा साद सुनें, सूरा साद अनुवाद, सूरा साद mp3, सूरा साद pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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