अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- कम अहलकना – कितने ही (बहुत से) हमने हलाक किए।
- क़र्न – उम्मत, जमाना, या पिछली क़ौमें।
- फ़नादौ – उन्होंने पुकारा (चीख़-पुकार मचाई)।
- व लात – नहीं है (इनकार के लिए)।
- हीन मनास – भागने या छुटकारा पाने का समय। "मनास" का अर्थ है भागने की जगह या मुक्ति का रास्ता।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को और उनके ज़रिए सारे इंसानों को उन क़ौमों के अंजाम से सबक़ सिखा रहा है जो पहले गुज़र चुकी हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि इन मुशरिकों (क़ुरैश) से पहले हमने कितनी ही उम्मतों को हलाक किया है—जिन्होंने अपने रसूलों को झुठलाया और हक़ को क़बूल करने से इनकार किया। जब उन पर अल्लाह का अज़ाब आया, तो उन्होंने चीख़-पुकार मचाई, मदद माँगी, और तौबा की गुज़ारिश की, लेकिन वह वक़्त सिर्फ़ अज़ाब का था—न तो उनकी पुकार क़बूल होने वाली थी, और न ही भागने या बचने का कोई रास्ता बचा था। "व लात हीन मनास" का मतलब यही है कि वह घड़ी भागने, छिपने, या छुटकारा पाने की नहीं थी; अज़ाब आ चुका था और तौबा का दरवाज़ा बंद हो चुका था।
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अल्लाह रहीम और करीम है, उसने तौबा का दरवाज़ा हमेशा खुला रखा है—जब तक इंसान ज़िंदा है और मौत का फ़रिश्ता सामने नहीं आया। लेकिन जब अज़ाब आ जाता है, तो पछताने और मदद माँगने का कोई फ़ायदा नहीं होता। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही, इसी पल, अपने गुनाहों से तौबा करें, अल्लाह की रहमत का सहारा लें, और उसके हुक्मों पर अमल करें। अल्लाह ने हमें क़ुरआन और रसूल ﷺ की सुन्नत के ज़रिए रास्ता दिखाया है—यही हमारा नजात (मुक्ति) का ज़रिया है। आओ, हम उन क़ौमों की तरह न बनें जिन्होंने देर कर दी, बल्कि हम उन लोगों में शामिल हों जो अल्लाह की तरफ़ दौड़ते हैं, क्योंकि अल्लाह तौबा करने वालों से बहुत प्यार करता है और उनके गुनाहों को माफ़ कर देता है। यही सच्ची कामयाबी है—दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में जन्नत।
📜 आयत 1-5 — साद
अनुवाद — साद 3
सूरा साद आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमने उन से पहले कितने गिरोह हलाक कर डाले तो…सूरा आयत 3/88 — साद ص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: साद सुनें, साद अनुवाद, साद mp3, साद pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








