अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كَذَّبَ: झुठलाया, असत्य कहा
- الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ: उनसे पहले के लोग (पिछली उम्मतें)
- فَأَتَاهُمُ الْعَذَابُ: तो उनके पास अज़ाब (यातना) आया
- مِنْ حَيْثُ لَا يَشْعُرُونَ: ऐसी जगह से (ऐसे रास्ते से) जिसका उन्हें एहसास भी नहीं था
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला नबी करीम ﷺ और उनकी उम्मत को एक बहुत बड़ा सबक़ सिखा रहे हैं। अल्लाह फ़रमाता है कि ऐ नबी! आपसे पहले भी कई क़ौमें थीं—जैसे आद, समूद, फ़िरऔन की क़ौम और दूसरी उम्मतें—जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया। उन्होंने सोचा कि हम ताक़तवर हैं, हमारे पास धन-दौलत और सामर्थ्य है, कोई हमारा क्या बिगाड़ लेगा? लेकिन अल्लाह का अज़ाब उन पर इस तरह आया कि उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था। न उन्होंने कोई आहट सुनी, न कोई निशानी देखी—अचानक तबाही आई और सब कुछ ख़त्म कर दिया।
यह अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है कि जब कोई क़ौम हद से गुज़र जाती है और अपने रसूलों को झुठलाती है, तो अल्लाह उन्हें उस रास्ते से पकड़ता है जिसका उन्हें वहम-गुमान भी नहीं होता। वे सोचते हैं कि सब कुछ ठीक चल रहा है, लेकिन अल्लाह की पकड़ उनके लिए तैयार होती है। यही हाल इन मक्का के मुशरिकों का है—वे भी अपने नबी को झुठला रहे हैं, और अगर वे अपनी इस हरकत से बाज़ नहीं आए, तो उन पर भी वही अज़ाब आ सकता है जो पिछली उम्मतों पर आया।
इस आयत में एक और बड़ी हक़ीक़त बताई गई है: अल्लाह का अज़ाब अक्सर उस वक़्त आता है जब इंसान बिल्कुल बेख़बर होता है। इंसान अपनी तदबीर और ताक़त पर भरोसा करता है, लेकिन अल्लाह की तदबीर सबसे बलंद है। इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह के अज़ाब से डरे, अपने गुनाहों से तौबा करे, और नबियों की लाई हुई राह पर चले। जो लोग अल्लाह के दीन को झुठलाते हैं, उनका अंजाम बुरा होता है—दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
याद रखिए! अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त है, लेकिन उसकी रहमत भी बहुत बड़ी है। जो बंदा अपनी ग़लती पर पछताए और अल्लाह की तरफ़ लौट आए, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। यही वह रास्ता है जो हमें अज़ाब से बचाता है और जन्नत तक पहुँचाता है। आइए, हम सब इस आयत से सबक़ लें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएँ।
📜 आयत 23-27 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 25
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग उनसे पहले गुज़र गए उन्होंने भी (पैग़म्बरों को)…सूरा आयत 25/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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