अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- अज़ाक़हुमुल्लाहु अल-ख़िज़्य: अल्लाह ने उन्हें अपमान, ज़िल्लत और रुसवाई का मज़ा चखाया।
- अल-ख़िज़्य: वह अपमान और शर्मिंदगी जो किसी को उसके गुनाहों की सज़ा के तौर पर दुनिया में मिलती है।
- अल-आख़िराह: आख़िरत का दिन, यानी क़ियामत का दिन।
- अकबर: बहुत बड़ा, सबसे भारी और सख्त।
- लौ कानू या'लमून: अगर वे जानते (समझते)।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला उन पिछली उम्मतों का ज़िक्र कर रहे हैं जिन्होंने अपने नबियों को झुठलाया और उनकी नसीहत को क़बूल नहीं किया। उन्होंने हक़ को नकारा और गुमराही पर अड़े रहे, तो अल्लाह ने उन्हें उनके किए की सज़ा दी। उन पर अज़ाब भेजा और उन्हें दुनिया ही में ज़िल्लत, रुसवाई, अपमान और तबाही का मज़ा चखाया। किसी को क़त्ल किया गया, किसी को क़ैद किया गया, किसी को मुसीबतों में डाला गया — यह सब उनके कुफ़्र और झुठलाने का नतीजा था।
लेकिन अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि यह दुनिया का अज़ाब तो बहुत छोटा है, और जो अज़ाब उनके लिए आख़िरत में तैयार किया गया है, वह इससे कहीं बड़ा, सख्त और हमेशा रहने वाला है। दुनिया की सज़ा चाहे जितनी भी भयानक हो, वह ख़त्म होने वाली है, लेकिन आख़िरत का अज़ाब हमेशा रहेगा, और उसकी शिद्दत का अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता।
अगर उन लोगों को यह इल्म होता कि उनका अंजाम क्या होने वाला है, तो वे ज़रूर अपने कुफ़्र से बाज़ आते और नबियों की बात मान लेते। लेकिन उनकी नादानी और हठधर्मी ने उन्हें अंधा कर दिया, और वे अज़ाब के हक़दार बने।
दावती पहलू (नसीहत):
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत और सबक़ है। अल्लाह तआला ने हमें बताया कि सच्चाई को झुठलाने और नबियों की बात न मानने का अंजाम क्या होता है। हमें चाहिए कि हम क़ुरआन और सुन्नत पर अमल करें, नबी ﷺ की सीख को अपनाएँ, और उन लोगों के हाल से सबक़ लें जो अल्लाह की नाफ़रमानी की वजह से तबाह हो गए। यह दुनिया की ज़िंदगी बहुत छोटी है, और आख़िरत की ज़िंदगी हमेशा की है। अगर हम आज अल्लाह की इबादत करें और उसके हुक्मों पर चलें, तो हमें दुनिया में भी इज़्ज़त मिलेगी और आख़िरत में भी जन्नत की नेमतें मिलेंगी। अल्लाह तआला हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें उन लोगों में से न बनाए जो अज़ाब के हक़दार हैं। आमीन।
📜 आयत 24-28 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 26
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 26 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो खुदा ने उन्हें (इसी) दुनिया की ज़िन्दगी में रूसवाई…सूरा आयत 26/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 24–28. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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