अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَتَّقِي: बचाव करना, सुरक्षा चाहना
- سُوءَ الْعَذَابِ: सख्त से सख्त अज़ाब, बुरा अंजाम
- الظَّالِمِينَ: ज़ालिम, अत्याचारी (यहाँ अर्थ: काफ़िर और गुनहगार)
तफ़सीर:
क़ियामत के दिन का मंज़र बहुत ही भयानक होगा। अल्लाह तआला इस आयत में एक सवाल पूछ रहा है: क्या वह शख्स जो आग में डाला जाएगा और उसके हाथ-पैर ज़ंजीरों से बंधे होंगे, और वह अपने चेहरे के सिवा किसी और चीज़ से आग से बचाव नहीं कर सकेगा—क्योंकि उसके हाथ गर्दन से बंधे होंगे, और आग की लपटें उसे हर तरफ से घेर लेंगी, तो वह मजबूरन अपने चेहरे को आग के सामने करेगा—क्या ऐसा इंसान उस मोमिन के बराबर हो सकता है जिसे अल्लाह ने हिदायत दी और जन्नत की नेमतों में दाखिल किया?
यह सवाल सिर्फ़ एक सवाल नहीं, बल्कि एक बड़ी चेतावनी है। अल्लाह तआला हमें बताना चाहता है कि दोनों कभी बराबर नहीं हो सकते। एक तरफ़ वह लोग हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की राह अपनाई, उसकी इबादत की, और उसकी रहमत के हक़दार बने; दूसरी तरफ़ वह लोग हैं जिन्होंने कुफ़्र और गुनाहों की राह चुनी और अल्लाह के अज़ाब को अपने ऊपर लाज़िम कर लिया।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि उस दिन ज़ालिमों से कहा जाएगा: "चखो उस अज़ाब का मज़ा जो तुमने अपने कुफ़्र और गुनाहों से कमाया था।" यानी यह अज़ाब उन पर ज़ुल्म नहीं, बल्कि उनके अपने कर्मों का नतीजा है। अल्लाह तआला किसी पर ज़ुल्म नहीं करता, बल्कि इंसान खुद अपने किए की सज़ा पाता है।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे दिलों को झकझोरने के लिए काफ़ी है। हमें आज ही अपनी ज़िंदगी पर नज़र डालनी चाहिए—क्या हम उस रास्ते पर हैं जो जन्नत की तरफ ले जाता है, या उस रास्ते पर जो जहन्नम की तरफ? अल्लाह तआला ने हमें मोहलत दी है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखा है। आज हम अपने गुनाहों से तौबा कर लें, अल्लाह की रहमत की तरफ दौड़ें, और उसके हुक्मों पर अमल करें। याद रखिए, क़ियामत का दिन जब आएगा, तो कोई मौका नहीं मिलेगा। आज का दिन अमल का है, और कल का दिन हिसाब का। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 22-26 — अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 24
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 24 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या जो शख्स क़यामत के दिन अपने मुँह को…सूरा आयत 24/75 — अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुमर सुनें, अज़-ज़ुमर अनुवाद, अज़-ज़ुमर mp3, अज़-ज़ुमर pdf. आयत 22–26. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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