Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُنَجِّي: नजात देना, मुक्त करना।
- اتَّقَوْا: जिन्होंने तक़वा अपनाया, यानी अल्लाह के आदेशों का पालन किया और उसकी मनाही से बचे।
- بِمَفَازَتِهِمْ: उनकी कामयाबी की जगह के कारण, यानी जन्नत जो उनकी सफलता और कामयाबी का स्थान है।
- السُّوءُ: बुराई, तकलीफ़, अज़ाब।
- يَحْزَنُونَ: ग़मगीन होंगे, उदास होंगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने उन बंदों को, जिन्होंने उसका तक़वा अपनाया—यानी उसके हुक्मों पर अमल किया और उसकी मना की हुई चीज़ों से बचे रहे—जहन्नम के अज़ाब से नजात देकर उनकी कामयाबी की जगह यानी जन्नत में दाखिल करेगा। यह उनकी उसी तक़वा की बदौलत होगा, जो उनके लिए कामयाबी का ज़रिया बना। उन्हें अज़ाब की कोई तकलीफ़ नहीं छूएगी, न ही दुनिया के खोए हुए मामूली सुखों का कोई ग़म उन्हें होगा। वे हर बुराई से महफूज़ होंगे और हर ग़म से पाक। यह अल्लाह का वादा है जो कभी नहीं टूटता।
दावती पहलू:
यह आयत मोमिनों के लिए खुशखबरी है कि तक़वा (परहेज़गारी) ही असली कामयाबी की कुंजी है। जो इंसान दुनिया में अल्लाह से डरकर ज़िंदगी गुज़ारता है, अल्लाह उसे आख़िरत की हर तकलीफ़ से बचाएगा और उसे ऐसी जगह पहुँचाएगा जहाँ न कोई दर्द है, न कोई ग़म। यह वादा हमें सिखाता है कि दुनिया की चिंताओं और मुश्किलों के बावजूद अगर हम अल्लाह की राह पर चलें, तो उसकी रहमत हमारे लिए काफी है। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को तक़वा की रोशनी में ढालें, ताकि उस दिन हम भी उन खुशनसीबों में शामिल हों जिन्हें न कोई डर होगा और न कोई ग़म।
📜 आयत 59-63 — सूरा अज़-ज़ुमर
अनुवाद — अज़-ज़ुमर 61
सूरा अज़-ज़ुमर आयत 61 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग परहेज़गार हैं ख़ुदा उन्हें उनकी कामयाबी (और…सूरा आयत 61/75 — सूरा अज़-ज़ुमर الزمر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुमर सुनें, सूरा अज़-ज़ुमर अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुमर mp3, सूरा अज़-ज़ुमर pdf. आयत 59–63. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुमर
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


