अज़-ज़ुमर · 62/75
अनुवाद उच्चारण — सूरा अज़-ज़ुमर
اللَّهُ خَالِقُ كُلِّ شَيْءٍ ۖ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ ۝٦٢
Allaahu khaaliqu kulli shai`inw wa Huwa `alaa kulli shai`inw Wakeel
📖 हिंदी अर्थ
ख़ुदा ही हर चीज़ का जानने वाला है और वही हर चीज़ का निगेहबान है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • خَالِقُ: पैदा करने वाला, सृष्टि करने वाला।
  • وَكِيلٌ: देखभाल करने वाला, संरक्षक, जो हर चीज़ का प्रबंधन करे।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत अल्लाह की एकता और उसकी सर्वोच्च शक्ति का अद्भुत प्रमाण प्रस्तुत करती है। अल्लाह ही हर चीज़ का ख़ालिक़ (सृष्टिकर्ता) है—चाहे वह आकाश हो, पृथ्वी हो, जीव-जंतु हों, पेड़-पौधे हों, या मनुष्य की आत्मा और उसके विचार। इस ब्रह्मांड में कोई भी चीज़ ऐसी नहीं जो अल्लाह की पैदा की हुई न हो। वही हर चीज़ का रब, मालिक और स्वामी है। उसके सिवा कोई दूसरा ख़ालिक़ नहीं, न कोई उसका साझीदार है और न कोई उसके समान सृष्टि करने वाला।

इसके बाद अल्लाह फ़रमाता है कि वह हर चीज़ पर वकील है, यानी वह हर चीज़ की देखभाल करने वाला, संरक्षक और प्रबंधक है। वह अपनी सृष्टि के हर कण का हाल जानता है, हर पत्ते के गिरने की ख़बर रखता है, हर दिल की धड़कन से वाक़िफ़ है। वह हर चीज़ का इंतज़ाम अपनी हिकमत (बुद्धिमत्ता) और इल्म (ज्ञान) के साथ करता है। जिस तरह उसने सृष्टि की है, उसी तरह वह उसका पालन-पोषण भी करता है और उसे अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ चलाता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि जब अल्लाह ही सब कुछ पैदा करने वाला और सब कुछ संभालने वाला है, तो हमें अपनी सारी ज़रूरतें, अपनी सारी उम्मीदें और अपने सारे डर सिर्फ़ उसी से जोड़ने चाहिए। किसी इंसान, किसी ताक़त या किसी वस्तु से डरना या उम्मीद रखना बेकार है, क्योंकि सब कुछ अल्लाह के हाथ में है। यही तौहीद (एकेश्वरवाद) की असली रूह है—यह यक़ीन करना कि अल्लाह ही ख़ालिक़ है, वही रिज़्क़ देने वाला है, वही शिफ़ा देने वाला है, और वही हर चीज़ का मालिक है।

इस आयत में हमारे लिए बड़ी तसल्ली और सुकून है। जब हमें यह मालूम हो जाए कि अल्लाह हर चीज़ का ख़ालिक़ और वकील है, तो हमारा दिल किसी और की तरफ़ नहीं भटकता। हम जानते हैं कि हमारी हर मुश्किल, हर परेशानी और हर ज़रूरत उसी के हाथ में है। वह अपने बंदों की सुनता है, उनकी मदद करता है और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता। यही वह यक़ीन है जो मुसलमान को हर हाल में सब्र और शुक्र की ताक़त देता है, और उसे दुनिया की हर ताक़त से बेख़ौफ़ कर देता है।



📜 आयत 60-64 — सूरा अज़-ज़ुमर

60وَيَوْمَ الْقِيَامَةِ تَرَى الَّذِينَ كَذَبُوا عَلَى اللَّهِ وُجُوهُهُم مُّسْوَدَّةٌ ۚ أَلَيْسَ فِي جَهَنَّمَ مَثْوًى لِّلْمُتَكَبِّرِينَ
और जिन लोगों ने ख़ुदा पर झूठे बोहतान बाँधे - तुम क़यामत के दिन देखोगे उनके चेहरे सियाह होंगे क्या गुरूर करने वालों का ठिकाना जहन्नुम में नहीं है (ज़रूर है)
61وَيُنَجِّي اللَّهُ الَّذِينَ اتَّقَوْا بِمَفَازَتِهِمْ لَا يَمَسُّهُمُ السُّوءُ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ
और जो लोग परहेज़गार हैं ख़ुदा उन्हें उनकी कामयाबी (और सआदत) के सबब निजात देगा कि उन्हें तकलीफ छुएगी भी नहीं और न यह लोग (किसी तरह) रंजीदा दिल होंगे
62اللَّهُ خَالِقُ كُلِّ شَيْءٍ ۖ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ وَكِيلٌ
ख़ुदा ही हर चीज़ का जानने वाला है और वही हर चीज़ का निगेहबान है
63لَّهُ مَقَالِيدُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ ۗ وَالَّذِينَ كَفَرُوا بِآيَاتِ اللَّهِ أُولَٰئِكَ هُمُ الْخَاسِرُونَ
सारे आसमान व ज़मीन की कुन्जियाँ उसके पास है और जो लोग उसकी आयतों से इन्कार कर बैठें वही घाटे में रहेगें
64قُلْ أَفَغَيْرَ اللَّهِ تَأْمُرُونِّي أَعْبُدُ أَيُّهَا الْجَاهِلُونَ
(ऐ रसूल) तुम कह दो कि नादानों भला तुम मुझसे ये कहते हो कि मैं ख़ुदा के सिवा किसी दूसरे की इबादत करूँ
अज़-ज़ुमरकुरान सूची
75आयत
मक्कीअवतरण स्थान
62आयत

अनुवाद — अज़-ज़ुमर 62

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Friday, October 2, 2026

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