अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اتَّقُوا: अल्लाह का भय रखो, उसके आदेशों का पालन करो और उसकी मनाही से बचो।
- نَفْسٍ وَاحِدَةٍ: एक ही जान (आदम अलैहिस्सलाम)।
- زَوْجَهَا: उसकी पत्नी (हव्वा)।
- بَثَّ: फैलाया, फैला दिया।
- تَسَاءَلُونَ بِهِ: जिसके नाम से एक-दूसरे से सवाल करते हो (यानी "मैं तुम्हें अल्लाह का वास्ता देता हूँ")।
- الْأَرْحَامَ: रिश्तेदारियाँ, नाते-रिश्ते (खून के रिश्ते)।
- رَقِيبًا: निगरानी करने वाला, देखने वाला, हर चीज़ पर नज़र रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! अपने रब का भय रखो और उसके हुक्मों पर चलो। वही तो है जिसने तुम सबको एक ही जान से पैदा किया — यानी हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से — और उसी जान से उसकी पत्नी (हव्वा) को बनाया। फिर उन दोनों से दुनिया भर में अनगिनत पुरुषों और स्त्रियों को फैलाया। यानी तुम सबकी जड़ एक ही है — तुम सब एक ही माँ-बाप की औलाद हो। यह बात तुम्हें आपस में भाई-चारे और मुहब्बत का सबक़ सिखाती है।
फिर अल्लाह तआला फरमाता है: अल्लाह का भय रखो जिसके नाम से तुम एक-दूसरे से माँगते हो — जब कोई तुमसे कोई चीज़ माँगता है या कोई वादा करता है तो कहते हो "अल्लाह का वास्ता है" — और उस अल्लाह का भय रखो जो तुम्हारे रिश्तों (नाते-रिश्तों) का भी ख़याल रखता है। यानी रिश्तेदारों के साथ अच्छा सलूक करो, उनके हक़ अदा करो और उन्हें काटने से बचो। तुम्हारे रिश्ते अल्लाह की दी हुई नेमत हैं, इन्हें तोड़ना अल्लाह की नाराज़गी का सबब है।
बेशक अल्लाह तुम पर निगरानी करने वाला है — वह तुम्हारे हर अमल, हर बात और हर इरादे को देख रहा है। उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है। वह तुम्हारे अच्छे कामों का अच्छा बदला देगा और बुरे कामों की सज़ा देगा।
दावती पहलू (इस्लाम की ओर बुलाने वाला पहलू):
यह आयत हमें सिखाती है कि हम सब एक ही ख़ानदान के लोग हैं — एक ही माँ-बाप की औलाद। इसलिए आपस में नफ़रत, ईर्ष्या और कटुता नहीं होनी चाहिए। जब हमारा रब इतना मेहरबान है कि उसने हमें पैदा किया, हमारी परवरिश की और हमें रिश्तों की नेमत दी, तो हमें उसका शुक्रगुज़ार होना चाहिए और उसकी इबादत करनी चाहिए। अल्लाह हमसे इतना प्यार करता है कि वह हमें बार-बार भय दिलाता है ताकि हम बुराइयों से बचें और जन्नत की राह पर चलें। यही तो हमारी कामयाबी है — अल्लाह का भय रखना, रिश्तों को जोड़ना और उसकी निगरानी का एहसास रखना। जो इंसान इन बातों पर अमल करेगा, वह दुनिया में भी सुकून पाएगा और आख़िरत में भी कामयाब होगा।
📜 आयत 1-3 — अन-निसा
अनुवाद — अन-निसा 1
सूरा अन-निसा आयत 1 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ लोगों अपने पालने वाले से डरो जिसने तुम सबको…सूरा आयत 1/176 — अन-निसा النساء (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-निसा सुनें, अन-निसा अनुवाद, अन-निसा mp3, अन-निसा pdf. आयत 1–3. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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