अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَتَحَاجُّونَ: आपस में झगड़ना, बहस करना, एक-दूसरे पर दोषारोपण करना।
- الضُّعَفَاءُ: कमज़ोर लोग, जो दुनिया में कमज़ोर और पद-दर्जे में नीचे थे।
- اسْتَكْبَرُوا: अहंकार किया, बड़प्पन जताया, सिर उठाया।
- تَبَعًا: अनुयायी, पीछे चलने वाले, आज्ञा मानने वाले।
- مُغْنُونَ: बचाने वाले, दूर करने वाले, कुछ हिस्सा अपने ऊपर लेने वाले।
- نَصِيبًا: हिस्सा, भाग।
विस्तृत तफ़सीर:
ऐ नबी! आप उस समय को याद करें जब जहन्नुम की आग में फंसे हुए लोग आपस में झगड़ेंगे और एक-दूसरे को कोसेंगे। उस भयानक दिन का दृश्य अत्यंत भयावह होगा—हर तरफ आग की लपटें, चीख-पुकार, और अफसोस का माहौल। तब कमज़ोर और पद-दर्जे में नीचे लोग, जो दुनिया में अपने बड़ों और सरदारों के पीछे चले थे, उन अहंकारी नेताओं की ओर मुखातिब होंगे और कहेंगे: "हम तो दुनिया में तुम्हारे अनुयायी थे, तुम्हारे कहने पर चलते थे, तुमने हमें गुमराह किया और हमने तुम्हारी बात मान ली। आज हम इस आग में जल रहे हैं, तो क्या तुम हमारी ओर से इस आग का कुछ हिस्सा अपने ऊपर ले सकते हो? क्या तुम हमें इस यातना से कुछ बचा सकते हो?"
यह वह समय होगा जब सारे रिश्ते-नाते, सारी दोस्तियाँ और सारी वफ़ादारियाँ टूट जाएँगी। न तो कोई किसी का सहारा बनेगा और न ही कोई किसी की मदद कर सकेगा। अहंकारी नेता भी उस दिन अपने अनुयायियों की कोई मदद नहीं कर पाएँगे, क्योंकि हर व्यक्ति अपने ही कर्मों में फंसा होगा।
यह दृश्य हमें सोचने पर मजबूर करता है कि आज हम जिन लोगों की बात मानते हैं, जिनके पीछे चलते हैं, क्या वे हमें क़ियामत के दिन किसी काम आ सकेंगे? क्या वे हमारी गलतियों का बोझ उठा सकेंगे? हरगिज़ नहीं! आज हमें अपने लिए ऐसे साथी चुनने हैं जो हमें अल्लाह की राह दिखाएँ, उसकी इबादत की तरफ बुलाएँ, और उसके दीन पर चलने में हमारी मदद करें।
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अंधी पैरवी से बचना चाहिए। हमें खुद अक़्ल से काम लेना चाहिए, कुरआन और सुन्नत की रोशनी में अपने कदम उठाने चाहिए। जो लोग हमें अल्लाह की याद से दूर करें, हमें गुनाह की तरफ ले जाएँ, वे दुनिया में भले ही हमारे प्यारे लगें, लेकिन आख़िरत में वे हमारे दुश्मन होंगे।
अल्लाह तआला हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे, और उस दिन के अज़ाब से बचाए, जब कोई किसी के काम न आएगा। आमीन।
📜 आयत 45-49 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 47
सूरा ग़ाफिर आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये लोग जिस वक्त ज़हन्नुम में बाहम झगड़ेंगें तो…सूरा आयत 47/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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