ग़ाफिर · 46/85
अनुवाद उच्चारण — ग़ाफिर
النَّارُ يُعْرَضُونَ عَلَيْهَا غُدُوًّا وَعَشِيًّا ۖ وَيَوْمَ تَقُومُ السَّاعَةُ أَدْخِلُوا آلَ فِرْعَوْنَ أَشَدَّ الْعَذَابِ ۝٤٦
An Naaru yu`radoona `alaihaa ghuduwwanw wa `ashiyyanw wa Yawma taqoomus Saa`aatu adkhilooo Aala Fir`awna ashaddal `azaab
📖 हिंदी अर्थ
और अब तो कब्र में दोज़ख़ की आग है कि वह लोग (हर) सुबह व शाम उसके सामने ला खड़े किए जाते हैं और जिस दिन क़यामत बरपा होगी (हुक्म होगा) फिरऔन के लोगों को सख्त से सख्त अज़ाब में झोंक दो

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • النَّارُ (आग): यहाँ अर्थ है जहन्नम की आग।
  • يُعْرَضُونَ عَلَيْهَا (उन्हें उसके सामने पेश किया जाएगा): अर्थात उन्हें आग पर प्रस्तुत किया जाएगा, जैसे किसी को तलवार के सामने पेश किया जाए, यानी उन्हें आग में जलाया जाएगा।
  • غُدُوًّا وَعَشِيًّا (सुबह और शाम): अर्थात दिन के आरंभ और अंत में।
  • آلَ فِرْعَوْنَ (फ़िरऔन की संगत): फ़िरऔन के अनुयायी और उसकी क़ौम।
  • أَشَدَّ الْعَذَابِ (सबसे सख्त अज़ाब): सबसे भयंकर और स्थायी यातना।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला फ़िरऔन और उसकी क़ौम के अंजाम को बयान कर रहे हैं। पहले उन्होंने दुनिया में समुद्र में डूबकर हलाक होने का अज़ाब चखा, और अब उनकी रूहें क़ब्र में भी अज़ाब में हैं। उन्हें क़ब्र में आग पर पेश किया जाता है — सुबह और शाम — यानी उन्हें लगातार आग की यातना दी जाती है। यह उनके लिए एक स्थायी स्थिति है जो क़यामत तक जारी रहेगी। फिर जब क़यामत का दिन आएगा, तो अल्लाह तआला फ़रिश्तों को हुक्म देगा: "फ़िरऔन की संगत को सबसे सख्त अज़ाब में डाल दो।" यानी उन्हें जहन्नम की सबसे भयंकर यातना में डाला जाएगा, जो कभी ख़त्म नहीं होगी।

यह आयत क़ब्र के अज़ाब का एक स्पष्ट प्रमाण है। यहाँ अल्लाह तआला बता रहे हैं कि मरने के बाद, क़यामत से पहले भी, काफ़िरों को अज़ाब दिया जाता है। यह सिर्फ़ फ़िरऔन की क़ौम के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए सबक़ है जो अल्लाह की नाफ़रमानी करता है और उसके रसूलों को झुठलाता है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें अल्लाह के अज़ाब से डराती है और बताती है कि अल्लाह की पकड़ कितनी सख्त है। फ़िरऔन जैसा शक्तिशाली और सत्ताधारी इंसान, जो खुद को भगवान कहता था, आज अपनी क़ब्र में सुबह-शाम आग की यातना झेल रहा है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम दुनिया की चमक-दमक और ताक़त पर घमंड न करें। अल्लाह की रहमत और माफ़ी का दरवाज़ा खुला है — जो कोई भी तौबा करके सीधे रास्ते पर आ जाए, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है। लेकिन जो अल्लाह के आगे सरकशी करे और उसके हुक्मों को ठुकराए, उसका अंजाम फ़िरऔन जैसा ही होगा। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के हुक्मों पर अमल करें, नमाज़ पढ़ें, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाएं, ताकि हम उस अज़ाब से बच सकें जिसका ज़िक्र इस आयत में किया गया है। अल्लाह हमें सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 44-48 — ग़ाफिर

44فَسَتَذْكُرُونَ مَا أَقُولُ لَكُمْ ۚ وَأُفَوِّضُ أَمْرِي إِلَى اللَّهِ ۚ إِنَّ اللَّهَ بَصِيرٌ بِالْعِبَادِ
तो जो मैं तुमसे कहता हूँ अनक़रीब ही उसे याद करोगे और मैं तो अपना काम ख़ुदा ही को सौंपे देता हूँ कुछ शक नहीं की ख़ुदा बन्दों ( के हाल ) को ख़ूब देख रहा है
45فَوَقَاهُ اللَّهُ سَيِّئَاتِ مَا مَكَرُوا ۖ وَحَاقَ بِآلِ فِرْعَوْنَ سُوءُ الْعَذَابِ
तो ख़ुदा ने उसे उनकी तद्बीरों की बुराई से महफूज़ रखा और फिरऔनियों को बड़े अज़ाब ने ( हर तरफ ) से घेर लिया
46النَّارُ يُعْرَضُونَ عَلَيْهَا غُدُوًّا وَعَشِيًّا ۖ وَيَوْمَ تَقُومُ السَّاعَةُ أَدْخِلُوا آلَ فِرْعَوْنَ أَشَدَّ الْعَذَابِ
और अब तो कब्र में दोज़ख़ की आग है कि वह लोग (हर) सुबह व शाम उसके सामने ला खड़े किए जाते हैं और जिस दिन क़यामत बरपा होगी (हुक्म होगा) फिरऔन के लोगों को सख्त से सख्त अज़ाब में झोंक दो
47وَإِذْ يَتَحَاجُّونَ فِي النَّارِ فَيَقُولُ الضُّعَفَاءُ لِلَّذِينَ اسْتَكْبَرُوا إِنَّا كُنَّا لَكُمْ تَبَعًا فَهَلْ أَنتُم مُّغْنُونَ عَنَّا نَصِيبًا مِّنَ النَّارِ
और ये लोग जिस वक्त ज़हन्नुम में बाहम झगड़ेंगें तो कम हैसियत लोग बड़े आदमियों से कहेंगे कि हम तुम्हारे ताबे थे तो क्या तुम इस वक्त (दोज़ख़ की) आग का कुछ हिस्सा हमसे हटा सकते हो
48قَالَ الَّذِينَ اسْتَكْبَرُوا إِنَّا كُلٌّ فِيهَا إِنَّ اللَّهَ قَدْ حَكَمَ بَيْنَ الْعِبَادِ
तो बड़े लोग कहेंगें (अब तो) हम (तुम) सबके सब आग में पड़े हैं ख़ुदा (को) तो बन्दों के बारे में (जो कुछ) फैसला (करना था) कर चुका
ग़ाफिरकुरान सूची
85आयत
मक्कीRevelation
46आयत

अनुवाद — ग़ाफिर 46

सूरा ग़ाफिर आयत 46 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अब तो कब्र में दोज़ख़ की आग है कि…

सूरा आयत 46/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 44–48. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए