अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- اسْتَكْبَرُوا – अभिमान किया, घमंड किया
- حَكَمَ – फैसला किया, न्याय किया
तफ़सीर:
जब अभिमानी नेता और सरदार जहन्नुम की आग में जल रहे होंगे, और उनके अनुयायी उनसे मदद की गुहार लगाएँगे कि हम पर तुम्हारा कोई हक़ नहीं था, तुमने हमें गुमराह किया, हमारे कुछ अज़ाब का बोझ उठाओ — तब वे अभिमानी नेता जवाब देंगे और कहेंगे: "हम सब इस आग में हैं — हम भी और तुम भी। हममें से कोई किसी के काम नहीं आ सकता, न हम तुम्हारा बोझ उठा सकते हैं और न तुम हमारा। अल्लाह ने अपने बंदों के बीच फैसला कर दिया है — उसने हममें से हर एक को उसके कर्मों के अनुसार वही अज़ाब दिया है जिसका वह हक़दार था।"
यह वह क्षण होगा जब सारे भ्रम टूट जाएँगे, सारे रिश्ते और वफ़ादारियाँ बेकार हो जाएँगी। अभिमानी नेता खुद भी उसी अज़ाब में डूबे होंगे और अपने अनुयायियों की कोई मदद नहीं कर सकेंगे। अल्लाह का फैसला अत्यंत न्यायपूर्ण होगा — हर व्यक्ति को उसके किए का पूरा बदला मिलेगा, न कम, न ज़्यादा।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का न्याय अटल और पूर्ण है। जो लोग दुनिया में दूसरों को गुमराह करते हैं, वे आख़िरत में उन गुमराह लोगों की कोई मदद नहीं कर सकेंगे। हर इंसान अपने कर्मों का ज़िम्मेदार है, और अल्लाह के दरबार में हर एक से अकेले ही पूछताछ होगी।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम किसके पीछे चल रहे हैं? क्या हम उन लोगों की बात मान रहे हैं जो हमें अल्लाह की राह से भटकाते हैं? याद रखिए, क़यामत के दिन कोई किसी का सहारा नहीं बनेगा। आज हमें चाहिए कि अल्लाह की राह पर चलें, उसकी इबादत करें, और उसके रसूल ﷺ की सुन्नत को अपनाएँ — ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जिन्हें अल्लाह ने जन्नत का फैसला सुनाया होगा, न कि जहन्नुम का। अल्लाह हम सबको सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 46-50 — ग़ाफिर
अनुवाद — ग़ाफिर 48
सूरा ग़ाफिर आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो बड़े लोग कहेंगें (अब तो) हम (तुम) सबके सब…सूरा आयत 48/85 — ग़ाफिर غافر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ग़ाफिर सुनें, ग़ाफिर अनुवाद, ग़ाफिर mp3, ग़ाफिर pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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