अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- قَيَّضْنَا: हमने नियुक्त किया, मुक़र्रर किया।
- قُرَنَاءَ: साथी, हमनवा (शैतानों को)।
- زَيَّنُوا: सुंदर बनाकर दिखाया, अच्छा प्रतीत कराया।
- مَا بَيْنَ أَيْدِيهِمْ: उनके सामने के कार्य (दुनिया के मामले)।
- مَا خَلْفَهُمْ: उनके पीछे के मामले (आख़िरत)।
- حَقَّ عَلَيْهِمُ الْقَوْلُ: उन पर अज़ाब का फ़ैसला साबित हो गया।
- خَلَتْ: गुज़र चुकी हैं।
- خَاسِرِينَ: घाटे में रहने वाले, नुक़सान उठाने वाले।
तफ़सीर:
यह आयत उन ज़ालिमों और काफ़िरों के हाल का वर्णन करती है जिन्होंने हक़ (सत्य) को झुठलाया और रसूलों की दावत को क़बूल नहीं किया। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने उनके लिए ऐसे साथी (शैतान) नियुक्त कर दिए जो उन्हें हर क़दम पर गुमराह करते रहे। इन शैतानी साथियों ने उनके सामने के कामों को यानी दुनिया के मामलों को ख़ूबसूरत बनाकर दिखाया — उन्हें लज़्ज़तों, शहवतों और गुनाहों में डुबोया, और हराम कामों को उनकी नज़र में पसंदीदा बनाया। साथ ही, उन्होंने उनके पीछे के मामलों को यानी आख़िरत के मामले को भी भुला दिया — उन्हें यक़ीन दिलाया कि न कोई हश्र है, न कोई हिसाब, न कोई जज़ा या सज़ा। इस तरह उन्होंने उन्हें मरने के बाद की ज़िंदगी से ग़ाफ़िल कर दिया और आख़िरत की तैयारी से महरूम कर दिया।
इसी वजह से उन पर अज़ाब का फ़ैसला साबित हो गया, और वे उन उम्मतों के साथ शामिल हो गए जो उनसे पहले जिन्नों और इंसानों में से गुज़र चुकी थीं — यानी काफ़िर और मुन्किर उम्मतें। ये सब घाटे में रहने वाले थे, क्योंकि उन्होंने दुनिया में अपने अच्छे कर्मों को बर्बाद कर दिया, और आख़िरत में अपनी जानों और अपने अहल-ओ-अयाल को खो दिया। वे जहन्नुम में जाने वालों में शामिल हुए और हमेशा के लिए अज़ाब में रहेंगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि इंसान को अपने साथियों और दोस्तों के चुनाव में बेहद होशियार रहना चाहिए। बुरे साथी इंसान को धीरे-धीरे गुनाह की तरफ ले जाते हैं, गुनाह को प्यारा बनाते हैं और आख़िरत की याद को दिल से मिटा देते हैं। इसलिए हमें अच्छे और नेक लोगों की सोहबत इख्तियार करनी चाहिए, जो हमें अल्लाह की याद दिलाएं, अच्छे कामों की तरफ बुलाएं और आख़िरत की तैयारी की तरफ रहनुमाई करें। याद रखें, जो लोग दुनिया में अल्लाह से ग़ाफ़िल रहते हैं, वे आख़िरत में सबसे बड़े घाटे में होंगे। अल्लाह तआला हमें बुरे साथियों के शर से बचाए और हमें नेक लोगों की सोहबत नसीब फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 23-27 — फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 25
सूरा फुस्सिलत आयत 25 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने (गोया ख़ुद शैतान को) उनका हमनशीन मुक़र्रर कर…सूरा आयत 25/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 23–27. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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