अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَرِنَا: हमें दिखा दे
- أَضَلَّانَا: जिन्होंने हमें पथभ्रष्ट किया
- الْأَسْفَلِينَ: सबसे निचले स्तर वाले (सबसे गहरे दर्जे के)
तफ़सीर (व्याख्या):
यह वह भयानक दृश्य है जब काफिर लोग जहन्नम की आग में झुलस रहे होंगे और अपनी गलती पर पछता रहे होंगे। वे अपने रब से फरियाद करेंगे: "ऐ हमारे रब! हमें उन दोनों को दिखा दे जिन्होंने हमें जिन्नों और इंसानों में से पथभ्रष्ट किया।" उनका इशारा इब्लीस (शैतान) की तरफ होगा जिसने कुफ्र और गुनाह की राह सबसे पहले शुरू की, और उस इंसान की तरफ जिसने ज़ुल्म और खून-खराबा शुरू किया—यानी क़ाबिल जिसने अपने भाई हाबिल को कत्ल किया था। कुछ मुफस्सिरीन के अनुसार, इससे मुराद जिन्नों के शैतान और इंसानों के वो गुमराह करने वाले लोग हैं जो लोगों को जहन्नम की तरफ बुलाते रहे।
फिर वे कहेंगे: "हम उन दोनों को अपने पैरों के नीचे रखेंगे ताकि वे जहन्नम के सबसे निचले और सबसे सख्त अज़ाब वाले दर्जे में चले जाएं।" यानी वे चाहेंगे कि जिन लोगों ने उन्हें गुमराह किया, वे उनसे भी बदतर हालत में हों, और यह उनके दिल की जलन और बदले की भावना का इज़हार होगा।
दावती पहलू और सबक:
यह आयत हमें चेतावनी देती है कि गुमराह करने वालों का अंजाम कितना बुरा होगा। जो लोग दूसरों को गुमराह करते हैं, वे सिर्फ अपना ही नुकसान नहीं करते, बल्कि उनके पीछे चलने वालों के गुनाहों का बोझ भी उठाएंगे। रसूलुल्लाह ﷺ ने फरमाया: "जिसने किसी को गुमराही की तरफ बुलाया, उस पर उन सबके गुनाहों का बोझ होगा जो उसकी पैरवी करेंगे, और उनके गुनाहों में कोई कमी नहीं होगी।" (सहीह मुस्लिम)
इसलिए हमें अपनी ज़िम्मेदारी समझनी चाहिए—हम में से हर एक या तो अच्छाई की तरफ बुलाने वाला है या बुराई की तरफ। आइए हम उन लोगों में से बनें जो लोगों को सीधी राह दिखाते हैं, ताकि क़यामत के दिन हमारे पल्ले अच्छे कामों का सवाब हो, न कि गुमराह करने वालों के साथ हमारा हाल वैसा हो जैसा इस आयत में बयान हुआ है। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे और हमें गुमराह करने वालों के साथ खड़ा न करे। आमीन।
📜 आयत 27-31 — फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 29
सूरा फुस्सिलत आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (क़यामत के दिन) कुफ्फ़ार कहेंगे कि ऐ हमारे परवरदिगार…सूरा आयत 29/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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