अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَاسْتَقِيمُوا إِلَيْهِ: उसकी ओर सीधे रास्ते पर चलो, उसी की ओर पूरी तरह रुजू हो जाओ, उसकी इबादत और आज्ञाकारिता में दृढ़ रहो।
- اسْتَغْفِرُوهُ: उससे अपने गुनाहों की माफ़ी माँगो।
- وَيْلٌ: विनाश, बुरा अंजाम, या कठोर यातना।
तफसीर:
ऐ नबी! आप इन लोगों से कह दीजिए कि मैं कोई फरिश्ता या जिन्न नहीं हूँ, बल्कि मैं तुम्हारी तरह एक इंसान हूँ। मुझमें कोई खुदाई या फरिश्तों वाली खासियत नहीं है। मेरी पहचान और मेरा दर्जा सिर्फ इसी बात से है कि अल्लाह की तरफ से मेरी तरफ वही (प्रकाशना) आती है। अगर वह वही न आती तो मैं भी तुम्हारी तरह एक आम इंसान होता और तुम्हें दावत न देता। इस वही के ज़रिए मुझे बताया गया है कि तुम्हारा सच्चा माबूद (पूज्य) सिर्फ एक ही है — वह अल्लाह जो अकेला है, उसका कोई साझीदार नहीं। वही इबादत के लायक़ है, उसके अलावा जिन्हें तुम पुकारते हो वे सब झूठे और बेबस हैं।
इसलिए तुम सब उसी की तरफ सीधे रास्ते पर चलो — यानी अपने दिलों को उसकी तरफ मोड़ो, अपने अमल को उसकी रज़ा के मुताबिक बनाओ, और उसकी इबादत में किसी को साझी न बनाओ। साथ ही अपनी कमियों और गुनाहों की माफ़ी उसी से माँगो, क्योंकि वही माफ़ करने वाला और दयालु है। जो लोग उसकी तरफ रुजू होंगे और उससे माफ़ी माँगेंगे, अल्लाह उनके गुनाह मिटा देगा और उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ेगा।
और जो लोग शिर्क करते हैं — यानी अल्लाह के साथ दूसरों को पूजते हैं, मूर्तियों और झूठे माबूदों को पुकारते हैं — उनके लिए विनाश और बुरा अंजाम है। वे न तो अल्लाह की इबादत में खरे हैं, न ही लोगों के भले में काम आते हैं। वे आख़िरत पर ईमान नहीं रखते, न जन्नत और जहन्नम पर यक़ीन रखते हैं, और न ही अल्लाह की राह में खर्च करते हैं। उनका अंजाम जहन्नम की आग और सख्त अज़ाब है।
दावत और नसीहत:
यह आयत हमें सिखाती है कि नबी भी इंसान थे, लेकिन उन्हें अल्लाह की तरफ से वही मिली। यह हमारे लिए बहुत बड़ी नेमत है कि हमें सच्चा रास्ता मिला। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा के मुताबिक बनाएँ, उसी से माफ़ी माँगते रहें, और शिर्क से बचें। अल्लाह बहुत मेहरबान है — जो भी उसकी तरफ सच्चे दिल से मुड़ता है, वह उसे अपनी रहमत से भर देता है। आओ, हम सब अपने दिलों को अल्लाह की तरफ मोड़ें, उससे माफ़ी माँगें और सीधे रास्ते पर चलें — यही हमारी कामयाबी और खुशी का रास्ता है।
📜 आयत 4-8 — फुस्सिलत
अनुवाद — फुस्सिलत 6
सूरा फुस्सिलत आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) कह दो कि मैं भी बस तुम्हारा ही…सूरा आयत 6/54 — फुस्सिलत فصلت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: फुस्सिलत सुनें, फुस्सिलत अनुवाद, फुस्सिलत mp3, फुस्सिलत pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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