अश-शूरा · 7/53
अनुवाद उच्चारण — अश-शूरा
وَكَذَٰلِكَ أَوْحَيْنَا إِلَيْكَ قُرْآنًا عَرَبِيًّا لِّتُنذِرَ أُمَّ الْقُرَىٰ وَمَنْ حَوْلَهَا وَتُنذِرَ يَوْمَ الْجَمْعِ لَا رَيْبَ فِيهِ ۚ فَرِيقٌ فِي الْجَنَّةِ وَفَرِيقٌ فِي السَّعِيرِ ۝٧
Wa kazaalika awhainaaa llaika Qur-aanan `Arabiyyal litunzir aUmmal Quraa wa man hawlahaa wa tunzira Yawmal Jam`ilaa raiba feeh; fareequn fil jannati wa fareequn fissa`eer
📖 हिंदी अर्थ
और हमने तुम्हारे पास अरबी क़ुरान यूँ भेजा ताकि तुम मक्का वालों को और जो लोग इसके इर्द गिर्द रहते हैं उनको डराओ और (उनको) क़यामत के दिन से भी डराओ जिस (के आने) में कुछ भी शक़ नहीं (उस दिन) एक फरीक़ (मानने वाला) जन्नत में होगा और फरीक़ (सानी) दोज़ख़ में

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أُمَّ الْقُرَىٰ: "उम्मुल क़ुरा" का अर्थ है "बस्तियों की जननी" यानी मक्का मुकर्रमा। इसे यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि यह सबसे प्राचीन और सबसे महत्वपूर्ण नगर है, और यहीं काबा स्थित है।
  • يَوْمَ الْجَمْعِ: "यौमुल जम'" अर्थात वह दिन जब अल्लाह तआला पहले और आखिरी सभी प्राणियों को एक स्थान पर इकट्ठा करेगा। यह क़यामत का दिन है।
  • السَّعِيرِ: "सईर" का अर्थ है भड़कती हुई आग, यानी जहन्नम की आग जो सख्त भड़की हुई होगी।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! जिस प्रकार हमने आपसे पहले आने वाले सभी पैग़म्बरों पर अपनी वही (प्रकाशना) उतारी, उसी प्रकार हमने आप पर भी अरबी भाषा में यह क़ुरआन उतारा है। यह क़ुरआन स्पष्ट और सरल भाषा में है, ताकि आप "उम्मुल क़ुरा" यानी मक्का के निवासियों को और उनके आस-पास रहने वाले सभी लोगों को सचेत कर सकें। मक्का को "उम्मुल क़ुरा" इसलिए कहा गया क्योंकि यह सभी बस्तियों की जननी और केंद्र है, और यहीं से इस्लाम का प्रकाश पूरी दुनिया में फैलना था। आपका संदेश केवल मक्का तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी मानवता के लिए है।

आपका दूसरा महत्वपूर्ण कार्य यह है कि आप लोगों को "यौमुल जम'" यानी क़यामत के दिन से डराएं। वह दिन जब अल्लाह तआला आसमानों और ज़मीन के सभी प्राणियों को एक स्थान पर इकट्ठा करेगा। उस दिन के आने में कोई संदेह नहीं है। हर व्यक्ति को उस दिन का सामना करना होगा। उस दिन लोग दो समूहों में विभाजित होंगे: एक समूह जन्नत में जाएगा, और वे हैं जिन्होंने अल्लाह पर ईमान लाया और उसके रसूल ﷺ के बताए रास्ते पर चले। दूसरा समूह जहन्नम की भड़कती हुई आग में जाएगा, और वे हैं जिन्होंने अल्लाह का इनकार किया और उसके रसूल ﷺ की शिक्षाओं को नहीं माना।

यह क़ुरआन आपके लिए रहमत और हिदायत है। यह वही रास्ता दिखाता है जो इंसान को दुनिया की बुराइयों से बचाकर आख़िरत की सफलता तक पहुंचाता है। जो इसे अपनाएगा, वह जन्नत की नेमतों से नवाज़ा जाएगा, और जो इससे मुंह मोड़ेगा, वह जहन्नम के अज़ाब का शिकार होगा। अल्लाह तआला ने यह क़ुरआन इसलिए उतारा ताकि हर इंसान को सचेत कर दिया जाए और उसके पास कोई बहाना न बचे। यह अल्लाह की ओर से सबसे बड़ी रहमत है, और इसे अपनाना ही हर इंसान की सच्ची भलाई है।



📜 आयत 5-9 — अश-शूरा

5تَكَادُ السَّمَاوَاتُ يَتَفَطَّرْنَ مِن فَوْقِهِنَّ ۚ وَالْمَلَائِكَةُ يُسَبِّحُونَ بِحَمْدِ رَبِّهِمْ وَيَسْتَغْفِرُونَ لِمَن فِي الْأَرْضِ ۗ أَلَا إِنَّ اللَّهَ هُوَ الْغَفُورُ الرَّحِيمُ
(उनकी बातों से) क़रीब है कि सारे आसमान (उसकी हैबत के मारे) अपने ऊपर वार से फट पड़े और फ़रिश्ते तो अपने परवरदिगार की तारीफ़ के साथ तसबीह करते हैं और जो लोग ज़मीन में हैं उनके लिए (गुनाहों की) माफी माँगा करते हैं सुन रखो कि ख़ुदा ही यक़ीनन बड़ा बख्शने वाला मेहरबान है
6وَالَّذِينَ اتَّخَذُوا مِن دُونِهِ أَوْلِيَاءَ اللَّهُ حَفِيظٌ عَلَيْهِمْ وَمَا أَنتَ عَلَيْهِم بِوَكِيلٍ
और जिन लोगों ने ख़ुदा को छोड़ कर (और) अपने सरपरस्त बना रखे हैं ख़ुदा उनकी निगरानी कर रहा है (ऐ रसूल) तुम उनके निगेहबान नहीं हो
7وَكَذَٰلِكَ أَوْحَيْنَا إِلَيْكَ قُرْآنًا عَرَبِيًّا لِّتُنذِرَ أُمَّ الْقُرَىٰ وَمَنْ حَوْلَهَا وَتُنذِرَ يَوْمَ الْجَمْعِ لَا رَيْبَ فِيهِ ۚ فَرِيقٌ فِي الْجَنَّةِ وَفَرِيقٌ فِي السَّعِيرِ
और हमने तुम्हारे पास अरबी क़ुरान यूँ भेजा ताकि तुम मक्का वालों को और जो लोग इसके इर्द गिर्द रहते हैं उनको डराओ और (उनको) क़यामत के दिन से भी डराओ जिस (के आने) में कुछ भी शक़ नहीं (उस दिन) एक फरीक़ (मानने वाला) जन्नत में होगा और फरीक़ (सानी) दोज़ख़ में
8وَلَوْ شَاءَ اللَّهُ لَجَعَلَهُمْ أُمَّةً وَاحِدَةً وَلَٰكِن يُدْخِلُ مَن يَشَاءُ فِي رَحْمَتِهِ ۚ وَالظَّالِمُونَ مَا لَهُم مِّن وَلِيٍّ وَلَا نَصِيرٍ
और अगर ख़ुदा चाहता तो इन सबको एक ही गिरोह बना देता मगर वह तो जिसको चाहता है (हिदायत करके) अपनी रहमत में दाख़िल कर लेता है और ज़ालिमों का तो (उस दिन) न कोई यार है और न मददगार
9أَمِ اتَّخَذُوا مِن دُونِهِ أَوْلِيَاءَ ۖ فَاللَّهُ هُوَ الْوَلِيُّ وَهُوَ يُحْيِي الْمَوْتَىٰ وَهُوَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
क्या उन लोगों ने ख़ुदा के सिवा (दूसरे) कारसाज़ बनाए हैं तो कारसाज़ बस ख़ुदा ही है और वही मुर्दों को ज़िन्दा करेगा और वही हर चीज़ पर क़ुदरत रखता है
अश-शूराकुरान सूची
53आयत
मक्कीRevelation
7आयत

अनुवाद — अश-शूरा 7

सूरा अश-शूरा आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने तुम्हारे पास अरबी क़ुरान यूँ भेजा ताकि तुम…

सूरा आयत 7/53 — अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शूरा सुनें, अश-शूरा अनुवाद, अश-शूरा mp3, अश-शूरा pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए