Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اتَّخَذُوا مِن دُونِهِ أَوْلِيَاءَ: अल्लाह को छोड़कर दूसरों को संरक्षक और सहायक बनाना, जैसे मूर्तियाँ, पत्थर, या अन्य चीज़ें जिन्हें वे पूजते हैं और उनसे मदद माँगते हैं।
- حَفِيظٌ: निगरानी रखने वाला, जो हर चीज़ को याद रखता है और उसका हिसाब रखता है।
- وَكِيلٌ: वह व्यक्ति जो किसी के कार्यों की ज़िम्मेदारी उठाए या उन्हें मजबूर करे।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में बताती है जिन्होंने अल्लाह को छोड़कर दूसरों को अपना संरक्षक और सहायक बना लिया। वे उन्हें पूजते हैं, उनसे डरते हैं, और उनसे उम्मीदें रखते हैं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वह इन लोगों पर पूरी निगरानी रखने वाला है। उनके हर अच्छे और बुरे काम को वह दर्ज कर रहा है, और उनके हर क़दम का हिसाब उसके पास है। यह निगरानी उन्हें सज़ा देने के लिए है, क्योंकि उन्होंने सच्चाई को ठुकराकर झूठ का सहारा लिया।
फिर अल्लाह अपने नबी ﷺ को तसल्ली देता है कि आप इन लोगों के कार्यों के ज़िम्मेदार नहीं हैं। आप पर केवल संदेश पहुँचाने की ज़िम्मेदारी है। आपको उन्हें मजबूर करने या उनके दिलों को बदलने की कोशिश करने की ज़रूरत नहीं। हिसाब लेने का काम अल्लाह का है, और वही सबसे न्यायपूर्ण फ़ैसला करने वाला है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में हर व्यक्ति अपने कर्मों के लिए खुद ज़िम्मेदार है। अल्लाह ने हमें सोचने और समझने की ताक़त दी है, और सही रास्ता दिखाने के लिए पैग़म्बर भेजे हैं। जो लोग इन नेमतों को ठुकराकर अल्लाह के अलावा किसी और की तरफ़ रुजू करते हैं, वे सिर्फ़ अपना नुक़सान करते हैं। अल्लाह उनके हर काम को देख रहा है, और यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम अपनी ज़िंदगी में सिर्फ़ अल्लाह को ही अपना संरक्षक बनाएँ। वही हमारी मदद कर सकता है, वही हमारी सुनता है, और वही हमारे हर अच्छे काम का बदला देने वाला है। यह आयत हमें यह भी बताती है कि हमें दूसरों के ईमान लाने की चिंता में परेशान नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने अच्छे आचरण और सच्चे संदेश के ज़रिए लोगों को अल्लाह की तरफ़ बुलाना चाहिए। सच्चाई की रोशनी फैलाना हमारा काम है, और हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है।
📜 आयत 4-8 — सूरा अश-शूरा
अनुवाद — अश-शूरा 6
सूरा अश-शूरा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन लोगों ने ख़ुदा को छोड़ कर (और) अपने…सूरा आयत 6/53 — सूरा अश-शूरा الشورى (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शूरा सुनें, सूरा अश-शूरा अनुवाद, सूरा अश-शूरा mp3, सूरा अश-शूरा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
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Saturday, October 3, 2026
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