Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِقَدَرٍ – एक निश्चित मात्रा और अनुमान के साथ, न अधिक और न कम, बल्कि जितनी ज़रूरत हो उतना।
- فَأَنشَرْنَا – हमने जीवित किया, उगाया और फैलाया।
- بَلْدَةً مَّيْتًا – वह भूमि जो सूखी, बंजर और हरियाली से रहित हो, जिसमें कोई पौधा न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें उस महान शक्ति की याद दिलाती है जो आसमान से एक निश्चित मात्रा में पानी उतारती है। वह पानी न तो इतना अधिक होता है कि तूफान और बाढ़ ले आए, और न ही इतना कम कि ज़मीन की प्यास न बुझे। बल्कि वह ठीक उसी अनुपात में उतरता है जितनी ज़रूरत होती है — इंसानों के लिए, जानवरों के लिए, और खेती-बाड़ी के लिए। यह अल्लाह की असीम दया और उसकी सटीक व्यवस्था का प्रमाण है।
फिर अल्लाह तआला कहता है कि उसी पानी के ज़रिए हमने एक मुर्दा (बंजर) ज़मीन को जीवित कर दिया — वह ज़मीन जहाँ कोई हरियाली नहीं थी, वहाँ अचानक खेत, पेड़-पौधे और फसलें उग आईं। यह दृश्य अपने आप में एक जीती-जागती मिसाल है कि जिस तरह हम मुर्दा ज़मीन को पानी से जीवित करते हैं, उसी तरह हम क़यामत के दिन सभी इंसानों को उनकी क़ब्रों से जीवित करके निकालेंगे।
यह आयत हमारे दिलों में यक़ीन (विश्वास) पैदा करती है कि जिस अल्लाह ने बंजर ज़मीन को हरा-भरा करने की ताक़त रखी है, वह निश्चित रूप से हमें दोबारा जीवित करने पर भी पूरी तरह क़ादिर (सक्षम) है। जब हम बारिश के बाद धरती को लहलहाते देखते हैं, तो यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि मौत के बाद जीवन उतना ही आसान है जितना सूखी ज़मीन का हरा-भरा हो जाना।
इस आयत में एक गहरा सबक है — जिस तरह पानी मुर्दा ज़मीन को जीवन देता है, उसी तरह ईमान और क़ुरआन की हिदायत मुर्दा दिलों को जीवन देती है। जो दिल गुनाहों से सूख चुका है, वह तौबा और अल्लाह की रहमत से फिर से तर और लहलहा सकता है। यह हमारे लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह की रहमत का दरवाज़ा हमेशा खुला है — बस ज़रूरत है उसकी तरफ़ पलटने की।
याद रखिए! जिस तरह बारिश के बाद धरती खिल उठती है, उसी तरह क़यामत के दिन हम सब अपनी क़ब्रों से निकलकर अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। यह कोई दूर की बात नहीं, बल्कि उतनी ही यक़ीनी है जितनी हर साल बारिश के बाद धरती का हरा-भरा हो जाना। इसलिए हमें चाहिए कि इस ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत में गुज़ारें, ताकि उस दिन हम कामयाब हो सकें।
📜 आयत 9-13 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 11
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिसने एक (मुनासिब) अन्दाजे क़े साथ आसमान से पानी…सूरा आयत 11/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


