अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الأَزْوَاجَ: अर्थात प्रकार, क़िस्में, जोड़े (नर-मादा, रात-दिन, आसमान-ज़मीन आदि)।
- الفُلْكِ: जहाज़ (समुद्र में चलने वाली नावें)।
- الأَنْعَامِ: चौपाए जानवर (ऊँट, गाय, बकरी, भेड़ आदि)।
- تَرْكَبُونَ: जिन पर तुम सवारी करते हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें उस महान शक्ति की याद दिलाती है जिसने इस पूरी कायनात (ब्रह्मांड) को बनाया और हर चीज़ को जोड़ों (क़िस्मों) में पैदा किया। अल्लाह तआला ने रात और दिन, नर और मादा, गर्मी और सर्दी, पहाड़ और मैदान — हर चीज़ को एक ख़ास निज़ाम (व्यवस्था) के साथ बनाया। यह सब उसकी क़ुदरत (शक्ति) के निशान हैं।
फिर अल्लाह ने अपनी सबसे बड़ी नेमत (कृपा) का ज़िक्र किया — उसने इंसानों के लिए जहाज़ बनाए ताकि वे समुद्र के पार जा सकें, और चौपाए जानवर (ऊँट, घोड़े, खच्चर, गधे) बनाए ताकि वे ज़मीन पर सफ़र कर सकें। यानी अल्लाह ने इंसान के सफ़र के दोनों रास्ते आसान कर दिए — एक पानी का और एक ज़मीन का।
सोचिए! जहाज़ इंसान की बनाई हुई चीज़ है, लेकिन उसे बनाने की तरकीब (तकनीक) और समुद्र को अपने क़ाबू में रखने वाला अल्लाह ही है। वही हवा को चलाता है, वही पानी को सहारा देता है, वही जानवरों को इंसान के वश में करता है। अगर अल्लाह की मर्ज़ी न हो, तो न जहाज़ चल सकता है और न जानवर सवारी दे सकते हैं।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम किसी सफ़र पर निकलें — चाहे समुद्र हो या ज़मीन — तो हमें अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए और उसी पर भरोसा रखना चाहिए। क्योंकि असली क़ुदरत (शक्ति) उसी के हाथ में है। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम अपनी ज़िंदगी के हर सफ़र में अल्लाह को याद रखें, उसका शुक्र करें और उसकी नेमतों का सही इस्तेमाल करें।
अल्लाह ने ये सब चीज़ें हमारे लिए इसलिए बनाईं ताकि हम उसकी क़ुदरत को पहचानें और उसकी इबादत करें। यही हमारी कामयाबी का रास्ता है — कि हम अल्लाह के एहसानों को याद करें और उसके बताए हुए तरीक़े पर चलें। जो इंसान इन निशानियों पर ग़ौर करता है, वह कभी अल्लाह को भूलकर किसी और की इबादत नहीं कर सकता।
📜 आयत 10-14 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 12
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिसने हर किस्म की चीज़े पैदा कीं और तुम्हारे…सूरा आयत 12/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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