Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- आयत: निशानी, चमत्कार, प्रमाण
- अख़्तिहा: उसकी बहन (यहाँ अर्थ: पिछली निशानी)
- अज़ाब: यातना, पीड़ा
- यरजिऊन: वापस लौटें (अपनी गलती से तौबा करें)
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़िरऔन और उसकी क़ौम के बारे में बयान फ़रमा रहा है कि हमने उन्हें जो भी निशानी (चमत्कार) दिखाई, वह पिछली निशानी से बड़ी और अधिक स्पष्ट थी। यानी हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के ज़रिए जो मोजिज़े दिखाए गए—जैसे लाठी का अजगर बनना, हाथ का चमकना, तूफान, टिड्डियाँ, जूँ, मेंढक और खून—हर एक निशानी पिछली से अधिक सशक्त और सच्चाई की गवाह थी।
इसके बावजूद जब वे हठधर्मी और इनकार पर अड़े रहे, तो अल्लाह ने उन्हें अज़ाब (यातना) में पकड़ा—कभी काल (अकाल) के ज़रिए, कभी तूफान और बीमारियों के ज़रिए—ताकि वे अपनी ग़लती का एहसास करें, अपने कुफ्र से तौबा करें और अल्लाह की तरफ लौट आएं।
यह अल्लाह की रहमत और मेहरबानी का सबूत है कि वह बार-बार अपने बंदों को समझाने के लिए निशानियाँ दिखाता है और उन्हें सज़ा देकर भी उनकी भलाई चाहता है, ताकि वे सीधे रास्ते पर आ जाएं। लेकिन फ़िरऔन और उसके साथियों ने इन निशानियों को जादू कहा और अपने कुफ्र पर अड़े रहे।
यह क़िस्सा हमारे लिए सबक़ है कि अल्लाह की निशानियों पर ग़ौर करें, उसकी तरफ लौटें और अपनी ज़िंदगी में उसके हुक्मों को मानें। अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत मेहरबान है—वह चाहता है कि हम उसकी रहमत की तरफ लौटें, क्योंकि उसका दरवाज़ा हमेशा खुला है। जो भी सच्चे दिल से उसकी तरफ लौटता है, अल्लाह उसे माफ़ कर देता है और उसकी ज़िंदगी में बरकत डालता है।
📜 आयत 46-50 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 48
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम जो मौजिज़ा उन को दिखाते थे वह दूसरे…सूरा आयत 48/89 — सूरा अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ुखरुफ सुनें, सूरा अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, सूरा अज़-ज़ुखरुफ mp3, सूरा अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ुखरुफ
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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