अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بِآيَاتِنَا – हमारी निशानियाँ, चमत्कार और स्पष्ट प्रमाण।
- يَضْحَكُونَ – वे हँसने लगे, अर्थात मज़ाक उड़ाने और उपहास करने लगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) फ़िरऔन और उसकी क़ौम के सरदारों के पास हमारी स्पष्ट निशानियाँ और चमत्कार लेकर पहुँचे, तो उन्होंने उन आयतों को देखकर उन पर ईमान नहीं लाया, बल्कि उनका मज़ाक उड़ाने लगे और हँसी-ठट्ठा करने लगे। यह उनकी सरकशी और घमंड की पराकाष्ठा थी कि जब सत्य उनके सामने आया, तो उन्होंने उसे गंभीरता से नहीं लिया, बल्कि उसे हँसी में उड़ा दिया। यह उन लोगों की आदत है जो हक़ (सत्य) को नकारते हैं—जब उनके पास स्पष्ट प्रमाण आते हैं, तो वे उन्हें अपनी नज़रों में छोटा करने के लिए उनका उपहास करते हैं, ताकि लोगों की नज़रों में भी वह सत्य बेकार दिखे। लेकिन यह उनकी नादानी थी, क्योंकि हँसी-मज़ाक से सत्य कभी बदलता नहीं, और न ही अल्लाह के फ़ैसले टलते हैं।
यहाँ से हमें सीख मिलती है कि जब हमारे पास अल्लाह का संदेश पहुँचे, तो हमें उसे गंभीरता से लेना चाहिए, उस पर विचार करना चाहिए और उसका अनुसरण करना चाहिए। उपहास और मज़ाक उड़ाना उन लोगों का तरीक़ा है जो सत्य से दूर भागते हैं। अल्लाह हमें हिदायत दे कि हम सत्य को क़बूल करने वाले और उस पर अमल करने वाले बनें। आमीन।
📜 आयत 45-49 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 47
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 47 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो जब मूसा उन लोगों के पास हमारे मौजिज़े लेकर…सूरा आयत 47/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 45–49. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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