अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- آمَنُوا — ईमान लाए, विश्वास किया
- بِآيَاتِنَا — हमारी निशानियों पर (क़ुरआन और अल्लाह की भेजी हुई शिक्षाओं पर)
- كَانُوا مُسْلِمِينَ — पूर्ण रूप से अल्लाह के आज्ञाकारी और उसके प्रति समर्पित रहे
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों का वर्णन करती है जिन्हें अल्लाह तआला अपनी विशेष रहमत और कृपा से नवाज़ेगा। ये वे लोग हैं जिन्होंने अल्लाह की आयतों पर सच्चा ईमान रखा — चाहे वे आयतें क़ुरआन की हों या अल्लाह की बनाई हुई कायनात की निशानियाँ। उन्होंने केवल ज़ुबान से ईमान का दावा नहीं किया, बल्कि अपने दिलों को अल्लाह के भय और प्रेम से भरा, और अपने अमल को उसकी रज़ा के अनुसार ढाला।
"और वे मुसलमान थे" — यानी वे अल्लाह के आगे पूर्ण रूप से सिर झुकाने वाले थे। वे उसके हुक्मों को बिना किसी हिचकिचाहट के मानते थे, उसके निषेधों से बचते थे, और अपनी ज़िंदगी के हर पहलू में उसकी मर्ज़ी को सबसे ऊपर रखते थे। उनका इस्लाम सिर्फ नाम का नहीं था, बल्कि उनके दिल, ज़ुबान और अमल — तीनों उस पर एकमत थे।
एक रिवायत में आता है कि जब क़यामत के दिन सभी लोग घबराए हुए होंगे, तो एक पुकारने वाला पुकारेगा: "ऐ अल्लाह के बंदो!" — यह सुनकर हर कोई उम्मीद से सर उठाएगा। फिर जब यह कहा जाएगा कि "जिन्होंने हमारी आयतों पर ईमान लाए और मुसलमान रहे" — तो ग़ैर-मुस्लिम निराश हो जाएँगे, और मोमिनों के चेहरे खुशी से चमक उठेंगे। उन्हें पुकारा जाएगा: "जन्नत में दाख़िल हो जाओ, तुम और तुम्हारे साथी, तुम्हें नेमतें दी जाएँगी और तुम खुश होंगे।"
दीनी पैग़ाम:
यह आयत हमें बताती है कि सच्ची कामयाबी का रास्ता बहुत साफ़ है — ईमान और इस्लाम। जो अल्लाह की आयतों पर दिल से ईमान लाए और अपनी ज़िंदगी को उसकी इताअत में लगा दे, उसके लिए जन्नत की खुशखबरी है। यह कोई मुश्किल काम नहीं है; बस दिल को अल्लाह से जोड़ना है और अमल को उसकी रज़ा के अनुसार बनाना है। अल्लाह ने अपने बंदों पर बहुत मेहरबानी की है कि उसने इतनी आसान शर्त पर जन्नत का वादा किया — बस सच्चा ईमान और सच्चा इस्लाम। आओ, हम अपने दिलों को इसी ईमान की रोशनी से रोशन करें और अपने अमल को इसी इस्लाम की ज़ीनत से सजाएँ, ताकि उस दिन हम भी उन खुशनसीबों में शामिल हों जिन्हें प्यार से जन्नत में बुलाया जाएगा।
📜 आयत 67-71 — अज़-ज़ुखरुफ
अनुवाद — अज़-ज़ुखरुफ 69
सूरा अज़-ज़ुखरुफ आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यह) वह लोग हैं जो हमारी आयतों पर ईमान लाए…सूरा आयत 69/89 — अज़-ज़ुखरुफ الزخرف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ुखरुफ सुनें, अज़-ज़ुखरुफ अनुवाद, अज़-ज़ुखरुफ mp3, अज़-ज़ुखरुफ pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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