अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- शरीअत: स्पष्ट मार्ग, कानून, और वह राह जो अल्लाह ने अपने नबी के लिए निर्धारित की।
- अम्र: यहाँ अर्थ है दीन (धर्म) का मामला, यानी अल्लाह का आदेश और उसकी शरीअत।
- अहवा: बहुवचन है 'हवा' का, जिसका अर्थ है मन की इच्छाएँ, सनकें, और बिना ज्ञान के मनमानी राय।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अल्लाह तआला ने आपको एक स्पष्ट और पूर्ण शरीअत (कानून) पर स्थापित किया है, जो उसके आदेश से है। यह वही राह है जो अल्लाह ने अपने पहले के रसूलों को दी थी, और अब इसे आपके माध्यम से पूर्ण किया गया है। यह शरीअत सत्य, न्याय और भलाई पर आधारित है, और इसमें इंसान की दुनिया और आख़िरत की भलाई है।
अल्लाह आपको आदेश देता है कि आप इसी शरीअत का पालन करें, उसी पर चलें, और उसी को अपना रास्ता बनाएं। इस शरीअत से विचलित न हों, और न ही उन लोगों की मनमानी इच्छाओं का अनुसरण करें जो अल्लाह के दीन का ज्ञान नहीं रखते। ये लोग (क़ुरैश के सरदार) आपसे कहते थे कि आप अपने बाप-दादा के दीन पर लौट आएं, लेकिन उनकी यह बात ज्ञान पर आधारित नहीं थी, बल्कि महज़ अंधी परंपरा और मन की इच्छा थी।
इस आयत में हमारे लिए बहुत बड़ी शिक्षा है कि एक मुसलमान को चाहिए कि वह अपने जीवन के हर मामले में क़ुरआन और सुन्नत को ही अपना मार्गदर्शक बनाए। जब अल्लाह ने हमें एक पूर्ण और स्पष्ट शरीअत दी है, तो हमें किसी और की मनमानी राय, बनावटी नियमों, या बिना ज्ञान के विचारों की ओर नहीं भटकना चाहिए। यह शरीअत ही हमारी सच्ची पहचान है, और इसी पर चलकर हम अल्लाह की रहमत और जन्नत के हक़दार बन सकते हैं।
याद रखें, जो लोग अल्लाह के दीन से बेखबर हैं, उनकी इच्छाएँ इंसान को गुमराही की ओर ले जाती हैं। लेकिन जो व्यक्ति अल्लाह की शरीअत पर दृढ़ रहता है, उसे अल्लाह की तरफ से हिदायत, सुकून और कामयाबी मिलती है। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया में इज़्ज़त और आख़िरत में नजात दिलाएगा। आइए, हम अपने नबी ﷺ के नक्शे-क़दम पर चलते हुए इसी शरीअत को अपनाएं और उस पर साबित-क़दम रहें, क्योंकि यही सच्ची कामयाबी का ज़रिया है।
📜 आयत 16-20 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 18
सूरा अल-जासिया आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर (ऐ रसूल) हमने तुमको दीन के खुले रास्ते पर…सूरा आयत 18/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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