अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بَدَا – प्रकट होना, सामने आना
- سَيِّئَاتُ – बुराइयाँ, गलत कर्म
- حَاقَ – घेर लेना, नीचे उतर आना, आ घेरना
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस दिन हिसाब का समय आएगा, उस दिन उन लोगों के सामने उनके वे सारे बुरे कर्म प्रकट हो जाएँगे जो उन्होंने दुनिया में किए थे। कुफ़्र, शिर्क, गुनाह और ज़ुल्म — सब कुछ उनकी आँखों के सामने आ खड़ा होगा। कोई भी चीज़ छिपी नहीं रहेगी। हर वो गलती, हर वो बुराई जो उन्होंने की थी, वो उस दिन उन्हें साफ़ दिखाई देगी।
और फिर वो अज़ाब उन पर आ घेरेगा, जिसका वे मज़ाक उड़ाया करते थे। जब दुनिया में उन्हें आगाह किया जाता था कि अल्लाह का अज़ाब आने वाला है, तो वे हँसते थे, मज़ाक उड़ाते थे और कहते थे कि ये तो महज़ एक कहानी है। लेकिन आज वही अज़ाब उन्हें चारों तरफ से घेर लेगा, और उनके पास कोई बचाव का रास्ता नहीं होगा।
यह अल्लाह का अदल (न्याय) है — जो जैसा बोएगा, वैसा ही काटेगा। जिन लोगों ने दुनिया में अल्लाह की आयतों का मज़ाक उड़ाया, आज उन्हीं आयतों का सच उनके सामने खड़ा है। यह उनके लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का दिन होगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बहुत बड़ी नसीहत देती है कि हम अपने कर्मों से सावधान रहें। आज हम जो भी कर रहे हैं, वह कल हमारे सामने पेश होगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ। अल्लाह की आयतों और उसके दीन का मज़ाक उड़ाने वालों का अंजाम बहुत बुरा होता है। लेकिन जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की तरफ रुजू करते हैं, तौबा करते हैं और नेक कर्म करते हैं, उनके लिए जन्नत की खुशखबरी है। अल्लाह बड़ा मेहरबान और रहम करने वाला है — वो चाहता है कि हम सीधे रास्ते पर चलें और उसकी रहमत के हक़दार बनें। आइए, हम आज ही अपने कर्मों को सुधारें, तौबा करें और अल्लाह से जुड़ें — क्योंकि कल का दिन हमारे हाथ में नहीं है।
📜 आयत 31-35 — अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 33
सूरा अल-जासिया आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनके करतूतों की बुराईयाँ उस पर ज़ाहिर हो जाएँगी…सूरा आयत 33/37 — अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-जासिया सुनें, अल-जासिया अनुवाद, अल-जासिया mp3, अल-जासिया pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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