Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَنسَاكُمْ (नंसाकुम): हम तुम्हें भुला देंगे, अर्थात तुम्हें छोड़ देंगे और तुम्हारी ओर ध्यान नहीं देंगे।
- نَسِيتُمْ (नसीतुम): तुम भूल गए, अर्थात तुमने उसकी परवाह नहीं की और उसके लिए कर्म नहीं किए।
- مَأْوَاكُمْ (मअ्वाकुम): तुम्हारा ठिकाना, तुम्हारा निवास स्थान।
- نَاصِرِينَ (नासिरीन): मददगार, सहायक।
तफसीर (व्याख्या):
आज के दिन उन अविश्वासियों से कहा जाएगा जिन्होंने अपने रब का सामना करने को भुला दिया था: "आज हम तुम्हें उसी तरह भुला देंगे जैसे तुमने इस दिन की मुलाकात को भुला दिया था।" यानी जैसे तुमने इस दिन के लिए ईमान और अच्छे कर्मों की तैयारी नहीं की, और न ही उसकी परवाह की, आज अल्लाह तुम्हें आग के अज़ाब में ऐसे छोड़ देगा जैसे कोई भूली हुई चीज़ हो जिस पर कोई ध्यान न दे। यह अल्लाह की ओर से उनका त्याग है, और उनके लिए सबसे बड़ी सज़ा है कि उन्हें रहमत की नज़र से भी वंचित कर दिया जाए।
फिर कहा जाएगा: "तुम्हारा ठिकाना आग है, और तुम्हारा निवास स्थान जहन्नम है।" यह वह जगह है जहाँ वे हमेशा रहेंगे, और उनके लिए कोई मददगार नहीं होगा जो उन्हें अल्लाह के अज़ाब से बचा सके। न कोई सिफ़ारिशी, न कोई सहायक, न कोई रक्षक। वे अकेले होंगे, बेसहारा, और उनकी पुकार का कोई जवाब देने वाला नहीं होगा।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सीख देती है कि जो व्यक्ति दुनिया में अल्लाह के दीन को भूल जाता है, अल्लाह उसे क़ियामत के दिन भुला देगा। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने रब की याद को कभी न भूलें, उसकी इबादत को कभी न छोड़ें, और उस दिन की तैयारी करते रहें जब हमें उसके सामने खड़ा होना है। यह दुनिया का जीवन बहुत छोटा है, और आख़िरत का जीवन हमेशा का है। जो आज अपने रब की राह में कदम बढ़ाएगा, अल्लाह उसे क़ियामत के दिन अपनी रहमत से नवाज़ेगा। और जो आज अल्लाह से मुँह मोड़ेगा, उसे उस दिन कोई पनाह नहीं देगा। अल्लाह हम सबको अपनी याद में जीने की तौफ़ीक़ दे और हमें उस दिन के अज़ाब से बचाए। आमीन।
📜 आयत 32-36 — सूरा अल-जासिया
अनुवाद — अल-जासिया 34
सूरा अल-जासिया आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उनसे) कहा जाएगा कि जिस तरह तुमने उस दिन…सूरा आयत 34/37 — सूरा अल-जासिया الجاثية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-जासिया सुनें, सूरा अल-जासिया अनुवाद, सूरा अल-जासिया mp3, सूरा अल-जासिया pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-जासिया
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


