अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- إِمَامًا: नेता और अनुसरण किया जाने वाला, जिसकी पैरवी की जाए।
- رَحْمَةً: दया और रहमत का ज़रिया।
- مُصَدِّقٌ: सत्यापित करने वाला, पुष्टि करने वाला।
- لِّيُنذِرَ: ताकि डराया जाए और सचेत किया जाए।
- الَّذِينَ ظَلَمُوا: जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किया (यानी कुफ्र और गुनाह किए)।
- الْمُحْسِنِينَ: नेकी करने वाले, जो अपने ईमान और अमल में अच्छाई रखते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इस क़ुरआन से पहले हमने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) पर तौरात नाज़िल की थी, जो बनी इसराईल के लिए रहनुमा और नेता थी, जिसकी वे पैरवी करते थे, और उन लोगों के लिए रहमत थी जो उस पर ईमान लाए और उस पर अमल किया। और यह क़ुरआन जो मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) पर नाज़िल हुआ है, वह अपने से पहले की किताबों की तस्दीक़ करने वाला है, यानी उन सच्चाइयों की पुष्टि करता है जो पहले की किताबों में थीं। इसे अरबी ज़बान में नाज़िल किया गया ताकि यह उन लोगों को डराए जिन्होंने अपने ऊपर ज़ुल्म किया — यानी शिर्क और गुनाहों के ज़रिए अपनी रूह पर अत्याचार किया — और यह उन नेक लोगों के लिए खुशख़बरी है जिन्होंने अपने अल्लाह के साथ अपना रिश्ता अच्छा किया और उसकी इबादत को सिर्फ़ उसी के लिए ख़ास किया, और अपने बंदों के साथ भी नेकी की।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला ने हर ज़माने में अपने बंदों की हिदायत के लिए किताबें भेजीं, और आख़िरी किताब क़ुरआन है जो पहले की सब किताबों की तस्दीक़ करती है। यह किताब सिर्फ़ डराने के लिए नहीं आई, बल्कि यह रहमत और खुशख़बरी भी है। जो लोग अपनी ज़िंदगी को सुधारेंगे और अल्लाह की राह पर चलेंगे, उनके लिए इसमें बेशुमार खुशख़बरियाँ हैं। यह हमारे लिए बड़ी नेमत है कि हमें ऐसी किताब मिली जो हमें सीधा रास्ता दिखाती है और हमें जहन्नुम के अज़ाब से बचाकर जन्नत की तरफ ले जाती है। आओ हम इस किताब को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, ताकि हम उन नेक लोगों में शामिल हों जिनके लिए यह खुशख़बरी है।
📜 आयत 10-14 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 12
सूरा अल-अहकाफ आयत 12 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और इसके क़ब्ल मूसा की किताब पेशवा और (सरासर) रहमत…सूरा आयत 12/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 10–14. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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