Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَرَأَيْتُمْ — मुझे बताओ, देखो तो।
- تَدْعُونَ — जिन्हें तुम पुकारते/पूजते हो।
- شِرْكٌ — साझेदारी, हिस्सेदारी।
- أَثَارَةٍ مِنْ عِلْمٍ — पिछले लोगों से मिली हुई ज्ञान की निशानी, या कोई बचा-खुचा ज्ञान।
विस्तृत तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कहिए कि जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पुकारते हो — चाहे वे मूर्तियाँ हों, देवता हों, या कोई और चीज़ — उनके बारे में ज़रा सोचो। मुझे दिखाओ कि उन्होंने ज़मीन में से क्या पैदा किया है? क्या उन्होंने कोई पहाड़ बनाया? कोई नदी जारी की? कोई पेड़ उगाया? या क्या उनका आसमानों की पैदाइश में भी कोई हिस्सा है? क्या वे अल्लाह के साथ कायनात की तख़लीक़ में शरीक हैं?
अगर तुम सच्चे हो अपने इस दावे में कि ये माबूद पूजा के लायक़ हैं, तो लाओ कोई किताब जो इस कुरआन से पहले अल्लाह की तरफ से उतरी हो और जिसमें तुम्हारी इस बात की तस्दीक़ हो — या लाओ कोई इल्म का निशान जो पिछले अम्बियाओं और उनकी उम्मतों से तुम तक पहुँचा हो, जो तुम्हारे इस शिर्क की गवाही देता हो।
यह एक चुनौती है जो उनके सामने रखी गई है — कि अगर तुम्हारे पास कोई दलील है, कोई सबूत है, कोई किताब या इल्म है, तो पेश करो। लेकिन वे कभी कुछ पेश नहीं कर सकते, क्योंकि उनके पास कोई सनद नहीं, न कोई रस्मी किताब, न कोई बचा-खुचा इल्म। उनके पास तो सिर्फ़ अंधी तक़लीद और बाप-दादा की परम्परा है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की इबादत में किसी को शरीक करना कितनी बड़ी बात है — और साथ ही यह भी कि जो लोग हक़ के मुक़ाबले में झूठे दावे करते हैं, उनसे सबूत माँगना चाहिए। अगर उनके पास सबूत नहीं, तो उनका दावा बिल्कुल बेबुनियाद है।
और यह भी याद रखिए — अल्लाह ने हमें कुरआन जैसी रोशनी दी है, जो सच्चाई की सबसे बड़ी गवाह है। जिसके पास कुरआन हो, उसे किसी और सबूत की ज़रूरत नहीं। यह किताब हमें सीधे रास्ते पर चलाती है, और जो इसे थाम ले, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता।
📜 आयत 2-6 — सूरा अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 4
सूरा अल-अहकाफ आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम पूछो कि ख़ुदा को छोड़ कर जिनकी…सूरा आयत 4/35 — सूरा अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अहकाफ सुनें, सूरा अल-अहकाफ अनुवाद, सूरा अल-अहकाफ mp3, सूरा अल-अहकाफ pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अहकाफ
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


