अल-अहकाफ · 3/35
अनुवाद उच्चारण — अल-अहकाफ
مَا خَلَقْنَا السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا إِلَّا بِالْحَقِّ وَأَجَلٍ مُّسَمًّى ۚ وَالَّذِينَ كَفَرُوا عَمَّا أُنذِرُوا مُعْرِضُونَ ۝٣
Maa khalaqnas samaawaati wal arda wa maa bainahumaaa illaa bilhaqqi wa ajalim musammaa; wallazeena kafaroo `ammaaa unziroo mu`ridoon
📖 हिंदी अर्थ
हमने तो सारे आसमान व ज़मीन और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है हिकमत ही से एक ख़ास वक्त तक के लिए ही पैदा किया है और कुफ्फ़ार जिन चीज़ों से डराए जाते हैं उन से मुँह फेर लेते हैं

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • بِالْحَقِّ: सत्य और उचित उद्देश्य के साथ, बिना किसी व्यर्थता के।
  • أَجَلٍ مُّسَمًّى: एक निश्चित और निर्धारित समय (जो अल्लाह के पास ज्ञात है)।
  • عَمَّا أُنذِرُوا: उस चीज़ से जिसके बारे में उन्हें डराया गया (यानी क़ुरआन और क़ियामत)।
  • مُعْرِضُونَ: मुँह मोड़ने वाले, ध्यान न देने वाले।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने आसमानों, ज़मीन और उनके बीच की सभी चीज़ों को बेकार और व्यर्थ नहीं बनाया, बल्कि इन सबको सत्य के साथ और एक निश्चित अवधि तक के लिए पैदा किया। इस सृष्टि का एक महान उद्देश्य है — ताकि इंसान इन अद्भुत चीज़ों को देखकर अपने रब की महानता और कुदरत को पहचाने, उसकी एकता का इक़रार करे, और केवल उसी की इबादत करे। यह दुनिया कोई खेल या मज़ाक नहीं है, बल्कि यह एक परीक्षा की जगह है, जिसका एक निर्धारित समय है जिसे केवल अल्लाह ही जानता है। जब वह समय आएगा, तो यह पूरी कायनात खत्म हो जाएगी और सभी लोगों को अपने कर्मों का हिसाब देने के लिए उठाया जाएगा।

इस स्पष्ट सत्य और चेतावनी के बावजूद, जिन लोगों ने कुफ़्र (इनकार) को अपनाया है, वे उस चीज़ से मुँह मोड़ रहे हैं जिसके बारे में उन्हें डराया गया है — यानी क़ुरआन की आयतों, क़ियामत के दिन और अल्लाह की पकड़ से। वे न तो इन संकेतों पर ग़ौर करते हैं, न ही अपने रब की निशानियों से सबक़ लेते हैं। उनका दिल इस कदर अंधा हो चुका है कि वे उस सच्चाई से विमुख हैं जो उनके अपने भले के लिए है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें गहरी सोच और चिंतन की दावत देती है। जब हम आसमान की बुलंदियों, ज़मीन की फ़राग़त (विस्तार) और उनके बीच की अनगिनत निशानियों को देखते हैं, तो हमारा दिल अपने रब की महानता के सामने झुक जाता है। यह सृष्टि कोई संयोग नहीं है, बल्कि एक बुद्धिमान रचयिता की अद्भुत कलाकारी है। इसलिए हमें चाहिए कि हम इस कायनात की हर चीज़ में अल्लाह की निशानियाँ देखें, उसकी इबादत करें और उसकी चेतावनी को गंभीरता से लें। जो लोग इन निशानियों से आँखें बंद कर लेते हैं, वे खुद को बड़े नुक़सान में डालते हैं। अल्लाह तआला हमें उन लोगों में से न बनाएं जो सच्चाई से मुँह मोड़ते हैं, बल्कि हमें उन लोगों में से बनाएं जो उसकी आयतों पर ग़ौर करते हैं और उसकी राह पर चलते हैं। आमीन।



📜 आयत 1-5 — अल-अहकाफ

1حم
हा मीम
2تَنزِيلُ الْكِتَابِ مِنَ اللَّهِ الْعَزِيزِ الْحَكِيمِ
ये किताब ग़ालिब (व) हकीम ख़ुदा की तरफ से नाज़िल हुई है
3مَا خَلَقْنَا السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ وَمَا بَيْنَهُمَا إِلَّا بِالْحَقِّ وَأَجَلٍ مُّسَمًّى ۚ وَالَّذِينَ كَفَرُوا عَمَّا أُنذِرُوا مُعْرِضُونَ
हमने तो सारे आसमान व ज़मीन और जो कुछ इन दोनों के दरमियान है हिकमत ही से एक ख़ास वक्त तक के लिए ही पैदा किया है और कुफ्फ़ार जिन चीज़ों से डराए जाते हैं उन से मुँह फेर लेते हैं
4قُلْ أَرَأَيْتُم مَّا تَدْعُونَ مِن دُونِ اللَّهِ أَرُونِي مَاذَا خَلَقُوا مِنَ الْأَرْضِ أَمْ لَهُمْ شِرْكٌ فِي السَّمَاوَاتِ ۖ ائْتُونِي بِكِتَابٍ مِّن قَبْلِ هَٰذَا أَوْ أَثَارَةٍ مِّنْ عِلْمٍ إِن كُنتُمْ صَادِقِينَ
(ऐ रसूल) तुम पूछो कि ख़ुदा को छोड़ कर जिनकी तुम इबादत करते हो क्या तुमने उनको देखा है मुझे भी तो दिखाओ कि उन लोगों ने ज़मीन में क्या चीज़े पैदा की हैं या आसमानों (के बनाने) में उनकी शिरकत है तो अगर तुम सच्चे हो तो उससे पहले की कोई किताब (या अगलों के) इल्म का बक़िया हो तो मेरे सामने पेश करो
5وَمَنْ أَضَلُّ مِمَّن يَدْعُو مِن دُونِ اللَّهِ مَن لَّا يَسْتَجِيبُ لَهُ إِلَىٰ يَوْمِ الْقِيَامَةِ وَهُمْ عَن دُعَائِهِمْ غَافِلُونَ
और उस शख़्श से बढ़ कर कौन गुमराह हो सकता है जो ख़ुदा के सिवा ऐसे शख़्श को पुकारे जो उसे क़यामत तक जवाब ही न दे और उनको उनके पुकारने की ख़बरें तक न हों
अल-अहकाफकुरान सूची
35आयत
मक्कीRevelation
3आयत

अनुवाद — अल-अहकाफ 3

सूरा अल-अहकाफ आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमने तो सारे आसमान व ज़मीन और जो कुछ इन…

सूरा आयत 3/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए