अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- बिद'अन (بدعًا): अर्थात पहला और अनोखा। यानी मैं रसूलों में से पहला और अकेला नहीं हूँ।
- नज़ीरुन मुबीन (نذير مبين): स्पष्ट रूप से डराने वाला, जो अल्लाह के अज़ाब से आगाह करे।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप इन मुशरिकों से कह दीजिए जो आपकी नबुव्वत को ताज्जुब की नज़र से देखते हैं और इसे कोई नई और अनोखी बात समझते हैं: "मैं रसूलों में कोई अनोखा और पहला रसूल नहीं हूँ। मुझसे पहले अल्लाह ने कई रसूल भेजे हैं। मेरा आना कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह अल्लाह की उसी रस्म (सुन्नत) का हिस्सा है जो सदियों से चली आ रही है।"
और यह भी कह दीजिए: "मैं नहीं जानता कि अल्लाह मेरे साथ और तुम्हारे साथ दुनिया में आगे क्या करेगा। यह बात ग़ैब से ताल्लुक़ रखती है, जिसका इल्म सिर्फ़ अल्लाह को है। मैं कोई ज्योतिषी या ग़ैब जानने वाला नहीं हूँ। मैं तो सिर्फ़ उसी चीज़ की पैरवी करता हूँ जो अल्लाह मेरी तरफ़ वही (प्रकाशना) के रूप में भेजता है। मैं अपनी तरफ़ से कोई बात नहीं कहता और न ही कोई नया दीन ईजाद करता हूँ। मेरा काम सिर्फ़ यह है कि तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से साफ़ और स्पष्ट तौर पर डराऊँ।"
यानी मेरी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ नसीहत और आगाह करना है, जो मैं पूरी वाज़ाहत के साथ निभा रहा हूँ। बाक़ी हिदायत और गुमराही अल्लाह के हाथ में है।
दावती पहलू (प्रचारात्मक पहलू):
इस आयत में हमारे प्यारे नबी ﷺ की नम्रता, सच्चाई और अल्लाह के प्रति पूर्ण समर्पण झलकता है। आप ﷺ ने कभी अपनी तरफ़ से कोई बात नहीं कही, बल्कि हर क़दम पर अल्लाह की वही का इंतज़ार किया। यह हमारे लिए सबसे बड़ी शिक्षा है कि हम भी अपनी ज़िंदगी में कुरआन और सुन्नत की पैरवी करें, अपनी मर्ज़ी और ख्वाहिशों को नहीं। जब हम अल्लाह के बताए रास्ते पर चलेंगे, तो दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होंगे। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि नबी ﷺ की तरह हमें भी अपने अमल में सच्चाई और विनम्रता अपनानी चाहिए, और लोगों को अल्लाह के दीन की तरफ़ बुलाते वक़्त साफ़ और स्पष्ट बात कहनी चाहिए, बिना किसी डर या लालच के।
📜 आयत 7-11 — अल-अहकाफ
अनुवाद — अल-अहकाफ 9
सूरा अल-अहकाफ आयत 9 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं कोई नया रसूल…सूरा आयत 9/35 — अल-अहकाफ الأحقاف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहकाफ सुनें, अल-अहकाफ अनुवाद, अल-अहकाफ mp3, अल-अहकाफ pdf. आयत 7–11. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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