Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَهْدِي – मार्गदर्शन करता है
- رِضْوَانَهُ – उसकी प्रसन्नता (अल्लाह की रज़ा)
- سُبُلَ السَّلَامِ – शांति और सुरक्षा के मार्ग
- الظُّلُمَاتِ – अंधकार (कुफ्र और गुनाह के अंधेरे)
- النُّورِ – प्रकाश (ईमान और हिदायत की रोशनी)
- صِرَاطٍ مُّسْتَقِيمٍ – सीधा रास्ता (इस्लाम का रास्ता)
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हमें उस महान किताब (कुरआन) की अज़ीमुश्शान फज़ीलत बताती है जो अल्लाह ने अपने रसूल ﷺ पर उतारी। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि इस कुरआन के ज़रिए वह उन लोगों को शांति और सलामती के रास्ते दिखाता है जो उसकी रज़ा की तलाश में होते हैं। यानी जो लोग अल्लाह की खुशी को अपना निशाना बनाते हैं, उनके दिलों को अल्लाह इस किताब के ज़रिए हिदायत देता है और उन्हें उन रास्तों पर चलाता है जो उन्हें जन्नत तक पहुँचाते हैं।
फिर अल्लाह फ़रमाता है कि वह उन्हें अंधकारों से निकालकर रोशनी की तरफ लाता है। ये अंधकार क्या हैं? ये हैं कुफ्र का अंधकार, शिर्क का अंधकार, गुनाह और नाफ़रमानी का अंधकार। और रोशनी क्या है? यह है ईमान की रोशनी, तौहीद की रोशनी और अल्लाह की इताअत की रोशनी। यह सब कुछ अल्लाह की इजाज़त और उसकी मर्ज़ी से होता है, क्योंकि हिदायत देना सिर्फ अल्लाह के हाथ में है।
आख़िर में अल्लाह फ़रमाता है कि वह उन्हें सीधे रास्ते की तरफ ले जाता है — वह रास्ता जो सबसे करीब है अल्लाह तक पहुँचने का, वह रास्ता जो इस्लाम है। यह वह रास्ता है जिस पर चलकर इंसान दुनिया में भी सुकून पाता है और आख़िरत में भी कामयाब होता है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयो और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि कुरआन सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि एक रहनुमा है, एक मशाल है जो अंधेरों में रास्ता दिखाती है। जो इंसान इस किताब को पकड़ लेता है, अल्लाह उसे कभी अकेला नहीं छोड़ता। वह उसे हर अंधेरे से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाता है। आज दुनिया भर में इंसानियत तरह-तरह के अंधकारों में भटक रही है — चाहे वह मानसिक बेचैनी हो, रूहानी ख़ालीपन हो, या सामाजिक बिखराव। इसका हल सिर्फ कुरआन में है। यह किताब उस रब की तरफ से आई है जो अपने बंदों से बेहद मुहब्बत करता है और चाहता है कि वे सलामती और खुशहाली वाले रास्ते पर चलें। आइए हम इस किताब को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें — ताकि अल्लाह हमें भी उन लोगों में शामिल करे जिन्हें वह अंधकारों से निकालकर अपने नूर की तरफ ले जाता है।
📜 आयत 14-18 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 16
सूरा अल-माइदा आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग ख़ुदा की ख़ुशनूदी के पाबन्द हैं उनको तो…सूरा आयत 16/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


