अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ (معاني الكلمات):
- لَقَدْ كَفَرَ: निश्चय ही काफिर (अविश्वासी) हो गए।
- يَمْلِكُ: अधिकार रखता है, रोक सकता है।
- يُهْلِكَ: नष्ट कर दे, विनष्ट कर दे।
- مُلْكُ: राज्य, बादशाहत, स्वामित्व।
- قَدِيرٌ: सर्वशक्तिमान, हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला ने उन ईसाइयों के कुफ्र (अविश्वास) को स्पष्ट रूप से उजागर किया है जो कहते हैं कि अल्लाह स्वयं मसीह (ईसा अलैहिस्सलाम) हैं। यह एक बहुत बड़ी भूल और गुमराही है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हे नबी! इन लोगों से कहो कि अगर मसीह वास्तव में ईश्वर होते, तो क्या वे अल्लाह की इच्छा को रोक सकते थे? यदि अल्लाह चाहे कि मसीह इब्ने मरयम को, उनकी माँ को और धरती के सभी लोगों को नष्ट कर दे, तो कौन है जो उसे रोक सके?
यह एक स्पष्ट तर्क है — मरयम (अलैहिस्सलाम) की मृत्यु हो चुकी है, और मसीह (अलैहिस्सलाम) भी मृत्यु का स्वाद चखेंगे। यदि वे ईश्वर होते, तो क्या वे अपनी माँ को मृत्यु से बचा सकते थे? क्या वे स्वयं को मृत्यु से बचा सकते हैं? निश्चित रूप से नहीं। यही इस बात का प्रमाण है कि वे अल्लाह के भक्त और पैग़म्बर थे, न कि स्वयं ईश्वर।
फिर अल्लाह तआला अपनी महानता और सत्ता का वर्णन करते हुए फ़रमाता है कि आसमानों और ज़मीन का और जो कुछ उनके बीच है — सब कुछ अल्लाह ही का है। वह जो चाहता है पैदा करता है। उसने ईसा (अलैहिस्सलाम) को बिना पिता के पैदा किया, हव्वा को बिना माँ के, और आदम को बिना माता-पिता के — यह सब उसकी कुदरत (शक्ति) के नमूने हैं। वह हर चीज़ पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है।
दावती पहलू (प्रचारात्मक पहलू):
इस आयत में हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख है — अल्लाह की एकता (तौहीद) पर दृढ़ विश्वास रखें। किसी भी नबी, पैग़म्बर या संत को ईश्वर का दर्जा देना कुफ्र है। ईसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह के महान पैग़म्बर थे, उन्हें हम मुसलमान पूरे सम्मान के साथ मानते हैं, लेकिन वे अल्लाह की मख़लूक़ (सृष्टि) थे। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की कुदरत के आगे किसी की कोई हिम्मत नहीं चल सकती। जब अल्लाह कुछ चाहता है, तो कोई उसे रोक नहीं सकता। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी में हर मामले में अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए और उसी की इबादत करनी चाहिए। यही सच्ची नजात (मुक्ति) का रास्ता है।
📜 आयत 15-19 — अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 17
सूरा अल-माइदा आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो लोग उसके क़ायल हैं कि मरियम के बेटे मसीह…सूरा आयत 17/120 — अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माइदा सुनें, अल-माइदा अनुवाद, अल-माइदा mp3, अल-माइदा pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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