Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُبَيِّنُ لَكُمْ – तुम्हारे लिए स्पष्ट करता है
- تُخْفُونَ – तुम छिपाते हो
- يَعْفُو – क्षमा कर देता है, दरगुज़र करता है
- نُورٌ – रोशनी, प्रकाश
- كِتَابٌ مُبِينٌ – स्पष्ट और खुली हुई किताब
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ अह्ले-किताब (यहूदियों और ईसाइयों)! तुम्हारे पास हमारा रसूल (मुहम्मद ﷺ) आ चुका है, जो तुम्हें उन बहुत सी बातों को स्पष्ट करके बताता है जिन्हें तुम अपनी किताबों (तौरात और इंजील) में छिपाते रहे हो। तुमने अल्लाह की किताब में मौजूद उन सच्चाइयों को—जैसे रसूल ﷺ के आने की निशानियाँ, रज्म (पत्थर मारने) की आयत, और ईसा (अलैहिस्सलाम) द्वारा अहमद की खुशखबरी—जानबूझकर लोगों से छिपा रखा था। अब यह रसूल उन छिपी हुई बातों को उजागर कर रहा है, ताकि सच्चाई सामने आ जाए और लोगों पर कोई बहाना न रहे।
और वह (रसूल ﷺ) बहुत सी उन बातों से दरगुज़र भी करता है, यानी उन छिपाई गई चीज़ों में से जिनका खुलासा करने में कोई भलाई नहीं, बल्कि तुम्हारी रुसवाई ही होती, उन्हें वह छोड़ देता है और तुम्हें उन पर पकड़ नहीं करता। यह अल्लाह की रहमत और मेहरबानी है कि उसने अपने रसूल को नर्मी और हिकमत के साथ भेजा।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है: "तुम्हारे पास अल्लाह की ओर से नूर (रोशनी) और एक रौशन किताब आ चुकी है।" यह नूर खुद रसूल ﷺ हैं, जो अंधेरों से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाते हैं, और यह किताब कुरआन है, जो हर उस चीज़ को स्पष्ट करती है जिसकी इंसान को दुनिया और आख़िरत में ज़रूरत है। यह किताब कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि हिदायत, रहमत और इंसानियत के लिए पूर्ण जीवन-पद्धति है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला ने अपने रसूल ﷺ और कुरआन को इंसानियत के लिए रहमत बनाकर भेजा है। जो लोग सच्चाई को छिपाते थे, उनके लिए भी यह रसूल रहमत बनकर आया—वह उनकी ग़लतियों को बेनकाब करने के बजाय उन्हें सुधारने का मौका देता है। यह हमारे लिए सबक है कि हमें भी दूसरों के साथ नर्मी और हिकमत से पेश आना चाहिए, और सच्चाई को छिपाने के बजाय उसे स्पष्ट रूप से बयान करना चाहिए। कुरआन और रसूल ﷺ की मोहब्बत ही हमारी कामयाबी की कुंजी है—जो इसे थाम ले, वह कभी गुमराह नहीं हो सकता। यह नूर हर दिल को रोशन कर सकता है, बशर्ते हम इसे खुले दिल से क़बूल करें।
📜 आयत 13-17 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 15
सूरा अल-माइदा आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ अहले किताब तुम्हारे पास हमारा पैगम्बर (मोहम्मद सल्ल) आ…सूरा आयत 15/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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