Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تَبُوءَ: लौटना या उठाना, यहाँ अर्थ है अपने ऊपर लेना या वहन करना।
- بِإِثْمِي: मेरे क़त्ल का गुनाह (मुझे मारने का पाप)।
- وَإِثْمِكَ: अपने पिछले गुनाहों का बोझ भी।
- أَصْحَابِ النَّارِ: जहन्नम में रहने वाले, आग के साथी।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़ाबिल ने हाबिल को मारने का पक्का इरादा कर लिया और अल्लाह तआला व अपने पिता आदम (अलैहिस्सलाम) की नाफ़रमानी पर उतर आया, तो हाबिल ने उसे नसीहत करते हुए कहा: "मैं नहीं चाहता कि तू मेरे क़त्ल का गुनाह अपने सर ले, बल्कि मैं चाहता हूँ कि तू मेरे क़त्ल का पाप और अपने पिछले सारे गुनाह अपने ऊपर लेकर जहन्नम का निवासी बने। यही ज़ालिमों (अत्याचारियों) की सज़ा है।"
हाबिल ने यह बात इसलिए कही कि वह ख़ुद क़ाबिल को मारने का गुनाह अपने सिर लेना नहीं चाहता था, क्योंकि वह नेक और पवित्र इंसान था। वह चाहता था कि क़ाबिल अपने किए की सज़ा भुगते और अल्लाह की नाराज़गी का शिकार हो। यह हाबिल की बड़ी ऊँची नीयत और तक़वा की निशानी थी कि उसने बदला लेने या ज़्यादती करने की बजाय अल्लाह के फ़ैसले पर राज़ी रहना पसंद किया।
यह आयत हमें सिखाती है कि एक मोमिन को कभी भी ज़ुल्म और नाइंसाफ़ी का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए, चाहे उसके साथ कितना भी बुरा क्यों न हुआ हो। हाबिल ने अपने भाई के ज़ुल्म के बावजूद उसे अच्छी नसीहत दी और अल्लाह के हुक्म के सामने सर झुकाया। यही वह रास्ता है जो हमें जहन्नम से बचाकर जन्नत तक पहुँचाता है। अल्लाह तआला ज़ालिमों को कभी बेइंसाफ़ी की सज़ा बग़ैर नहीं छोड़ता, और मज़लूमों की फ़रियाद सुनता है।
आज हमें भी हाबिल की इस सीख पर अमल करना चाहिए—बुराई का जवाब अच्छाई से देना, और अल्लाह के फ़ैसले पर भरोसा रखना। यही इंसान को दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देता है।
📜 आयत 27-31 — सूरा अल-माइदा
अनुवाद — अल-माइदा 29
सूरा अल-माइदा आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : मैं तो ज़रूर ये चाहता हूं कि मेरे गुनाह और…सूरा आयत 29/120 — सूरा अल-माइदा المائدة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-माइदा सुनें, सूरा अल-माइदा अनुवाद, सूरा अल-माइदा mp3, सूरा अल-माइदा pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-माइदा
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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