अज़-ज़ारियात · 50/60
अनुवाद उच्चारण — अज़-ज़ारियात
فَفِرُّوا إِلَى اللَّهِ ۖ إِنِّي لَكُم مِّنْهُ نَذِيرٌ مُّبِينٌ ۝٥٠
Fafirrooo ilal laahi innee lakum minhu nazeerum mubeen
📖 हिंदी अर्थ
तो ख़ुदा ही की तरफ़ भागो मैं तुमको यक़ीनन उसकी तरफ से खुल्लम खुल्ला डराने वाला हूँ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَفِرُّوا – भागो, दौड़ो (अर्थात जल्दी करो और पलायन करो)
  • إِلَى اللهِ – अल्लाह की ओर (उसकी रहमत और क्षमा की ओर)
  • نَذِيرٌ مُبِينٌ – स्पष्ट रूप से डराने वाला, खुला हुआ सचेत करने वाला

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ लोगों! अल्लाह के अज़ाब से उसकी रहमत की ओर भागो। यानी अपने गुनाहों से तौबा करो, उसके हुक्मों का पालन करो और उसकी इबादत में लग जाओ। जिस तरह एक इंसान किसी खतरे से बचने के लिए दौड़ता है, उसी तरह तुम भी अल्लाह के अज़ाब से बचने के लिए उसकी रहमत की तरफ दौड़ो। अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसी (व्यापक) है, और वह अपने बंदों की तौबा क़बूल करने वाला है।

यह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की तरफ से एक साफ़ और स्पष्ट चेतावनी है कि मैं तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराता हूँ। मेरी चेतावनी कोई अस्पष्ट बात नहीं है, बल्कि मैंने तुम्हें साफ़-साफ़ बता दिया है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम क्या है और उसकी फ़रमाबरदारी का इनाम क्या है।

याद रखो, अल्लाह की तरफ भागने का मतलब सिर्फ़ ज़ुबान से तौबा करना नहीं है, बल्कि दिल से अल्लाह की मुहब्बत, ज़ुबान से उसका ज़िक्र, और अमल से उसकी इताअत करना है। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब भी किसी मुश्किल में होते थे, तो नमाज़ की तरफ रुजू करते थे और अल्लाह से मदद माँगते थे। यही असली फ़रार इलल्लाह है।

यह आयत हमें बताती है कि हमारी हर मुश्किल, हर परेशानी और हर गुनाह का इलाज अल्लाह की तरफ रुजू करने में है। जो इंसान अल्लाह की तरफ भागता है, अल्लाह उसे अपनी पनाह में ले लेता है और उसकी सारी परेशानियाँ दूर कर देता है। अल्लाह अपने बंदों से बहुत प्यार करता है और चाहता है कि वे उसकी तरफ आएँ, क्योंकि वही सबसे बड़ा पनाह देने वाला और रहम करने वाला है।

तो आओ, हम सब अपने गुनाहों से तौबा करें, अपनी नमाज़ों को पाबंदी से पढ़ें, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है, दुनिया में भी और आख़िरत में भी।



📜 आयत 48-52 — अज़-ज़ारियात

48وَالْأَرْضَ فَرَشْنَاهَا فَنِعْمَ الْمَاهِدُونَ
और ज़मीन को भी हम ही ने बिछाया तो हम कैसे अच्छे बिछाने वाले हैं
49وَمِن كُلِّ شَيْءٍ خَلَقْنَا زَوْجَيْنِ لَعَلَّكُمْ تَذَكَّرُونَ
और हम ही ने हर चीज़ की दो दो क़िस्में बनायीं ताकि तुम लोग नसीहत हासिल करो
50فَفِرُّوا إِلَى اللَّهِ ۖ إِنِّي لَكُم مِّنْهُ نَذِيرٌ مُّبِينٌ
तो ख़ुदा ही की तरफ़ भागो मैं तुमको यक़ीनन उसकी तरफ से खुल्लम खुल्ला डराने वाला हूँ
51وَلَا تَجْعَلُوا مَعَ اللَّهِ إِلَٰهًا آخَرَ ۖ إِنِّي لَكُم مِّنْهُ نَذِيرٌ مُّبِينٌ
और ख़ुदा के साथ दूसरा माबूद न बनाओ मैं तुमको यक़ीनन उसकी तरफ से खुल्लम खुल्ला डराने वाला हूँ
52كَذَٰلِكَ مَا أَتَى الَّذِينَ مِن قَبْلِهِم مِّن رَّسُولٍ إِلَّا قَالُوا سَاحِرٌ أَوْ مَجْنُونٌ
इसी तरह उनसे पहले लोगों के पास जो पैग़म्बर आता तो वह उसको जादूगर कहते या सिड़ी दीवाना (बताते)
अज़-ज़ारियातकुरान सूची
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अनुवाद — अज़-ज़ारियात 50

सूरा अज़-ज़ारियात आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा ही की तरफ़ भागो मैं तुमको यक़ीनन उसकी…

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Tuesday, August 18, 2026

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