Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَفِرُّوا – भागो, दौड़ो (अर्थात जल्दी करो और पलायन करो)
- إِلَى اللهِ – अल्लाह की ओर (उसकी रहमत और क्षमा की ओर)
- نَذِيرٌ مُبِينٌ – स्पष्ट रूप से डराने वाला, खुला हुआ सचेत करने वाला
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ लोगों! अल्लाह के अज़ाब से उसकी रहमत की ओर भागो। यानी अपने गुनाहों से तौबा करो, उसके हुक्मों का पालन करो और उसकी इबादत में लग जाओ। जिस तरह एक इंसान किसी खतरे से बचने के लिए दौड़ता है, उसी तरह तुम भी अल्लाह के अज़ाब से बचने के लिए उसकी रहमत की तरफ दौड़ो। अल्लाह की रहमत उसके अज़ाब से कहीं ज़्यादा वसी (व्यापक) है, और वह अपने बंदों की तौबा क़बूल करने वाला है।
यह नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की तरफ से एक साफ़ और स्पष्ट चेतावनी है कि मैं तुम्हें अल्लाह के अज़ाब से डराता हूँ। मेरी चेतावनी कोई अस्पष्ट बात नहीं है, बल्कि मैंने तुम्हें साफ़-साफ़ बता दिया है कि अल्लाह की नाफ़रमानी का अंजाम क्या है और उसकी फ़रमाबरदारी का इनाम क्या है।
याद रखो, अल्लाह की तरफ भागने का मतलब सिर्फ़ ज़ुबान से तौबा करना नहीं है, बल्कि दिल से अल्लाह की मुहब्बत, ज़ुबान से उसका ज़िक्र, और अमल से उसकी इताअत करना है। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जब भी किसी मुश्किल में होते थे, तो नमाज़ की तरफ रुजू करते थे और अल्लाह से मदद माँगते थे। यही असली फ़रार इलल्लाह है।
यह आयत हमें बताती है कि हमारी हर मुश्किल, हर परेशानी और हर गुनाह का इलाज अल्लाह की तरफ रुजू करने में है। जो इंसान अल्लाह की तरफ भागता है, अल्लाह उसे अपनी पनाह में ले लेता है और उसकी सारी परेशानियाँ दूर कर देता है। अल्लाह अपने बंदों से बहुत प्यार करता है और चाहता है कि वे उसकी तरफ आएँ, क्योंकि वही सबसे बड़ा पनाह देने वाला और रहम करने वाला है।
तो आओ, हम सब अपने गुनाहों से तौबा करें, अपनी नमाज़ों को पाबंदी से पढ़ें, और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक बनाएँ। यही हमारी कामयाबी की कुंजी है, दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
📜 आयत 48-52 — सूरा अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 50
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो ख़ुदा ही की तरफ़ भागो मैं तुमको यक़ीनन उसकी…सूरा आयत 50/60 — सूरा अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अज़-ज़ारियात सुनें, सूरा अज़-ज़ारियात अनुवाद, सूरा अज़-ज़ारियात mp3, सूरा अज़-ज़ारियात pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अज़-ज़ारियात
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


