अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- زَوْجَيْنِ (ज़ौजैन): दो प्रकार, दो क़िस्में, जोड़े (जैसे नर और मादा)।
- تَذَكَّرُونَ (तज़क्करून): तुम सीख लो, नसीहत हासिल कर लो, अल्लाह की क़ुदरत को याद कर लो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि हमने हर चीज़ से दो दो क़िस्में पैदा की हैं — जैसे नर और मादा, आसमान और ज़मीन, दिन और रात, रौशनी और अंधेरा, ज़मीन और समुद्र, गर्मी और सर्दी, खुशी और ग़म, सेहत और बीमारी, ज़िंदगी और मौत। यानी इस पूरी कायनात में हर चीज़ अपने जोड़े के साथ पैदा की गई है। यह कोई इत्तेफ़ाक़ नहीं, बल्कि अल्लाह की हिकमत और क़ुदरत का नमूना है।
यह जोड़ों में पैदा करने का सिलसिला हमें सिखाता है कि जिस तरह हर मख़लूक़ अपने जोड़े के बग़ैर अधूरी है, उसी तरह इस कायनात का ख़ालिक़ (पैदा करने वाला) भी यकता (एक) है, उसका कोई जोड़ा नहीं, कोई शरीक नहीं। जब इंसान इन जोड़ों को देखता है और ग़ौर करता है कि ये सब किस तरह एक दूसरे के साथ मिलकर एक निज़ाम (व्यवस्था) क़ायम करते हैं, तो उसका दिल अल्लाह की वहदानियत (एकता) और उसकी बेपनाह क़ुदरत की तरफ़ मुड़ जाता है।
अल्लाह ने यह सब कुछ इसलिए पैदा किया ताकि हम सोचें, समझें और याद रखें कि जो ख़ुदा इतनी बड़ी कायनात को इतने हुस्न (सुंदरता) और तरतीब (व्यवस्था) के साथ बनाने पर क़ादिर है, वही हमारी नस्लों को पैदा करने वाला, हमें रिज़्क़ (आजीविका) देने वाला, और क़यामत के दिन हमें दोबारा ज़िंदा करने वाला भी है। जिसने पहली बार पैदा किया, वही दोबारा पैदा करने पर भी पूरी तरह क़ादिर है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें दावत देती है कि हम अपनी आँखें खोलें, इस कायनात पर ग़ौर करें, और हर जोड़े में अल्लाह की निशानियाँ देखें। जब हम सुबह और शाम, गर्मी और सर्दी, नर और मादा, ज़मीन और आसमान को देखते हैं, तो यह सब हमें याद दिलाता है कि एक अल्लाह है जिसका कोई जोड़ा नहीं, कोई बराबर नहीं। यही सोच इंसान को शिर्क (बहुदेववाद) से बचाती है और उसे सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत की तरफ़ ले जाती है।
अल्लाह तआला हम सबको तौफ़ीक़ दे कि हम उसकी निशानियों पर ग़ौर करें और उसकी इबादत पर साबित क़दम रहें। आमीन।
📜 आयत 47-51 — अज़-ज़ारियात
अनुवाद — अज़-ज़ारियात 49
सूरा अज़-ज़ारियात आयत 49 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हम ही ने हर चीज़ की दो दो क़िस्में…सूरा आयत 49/60 — अज़-ज़ारियात الذاريات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अज़-ज़ारियात सुनें, अज़-ज़ारियात अनुवाद, अज़-ज़ारियात mp3, अज़-ज़ारियात pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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