अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- آيَةٍ: निशानी, प्रमाण, चमत्कार, या कोई स्पष्ट दलील।
- مُعْرِضِينَ: मुँह मोड़ने वाले, उपेक्षा करने वाले, ध्यान न देने वाले।
व्याख्या:
यह आयत उन काफिरों (विशेषकर मक्का के मुशरिकों) के बारे में बताती है जिनके पास अल्लाह की ओर से लगातार निशानियाँ और प्रमाण आते रहे, लेकिन उन्होंने उन्हें स्वीकार नहीं किया। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब भी उनके रब की कोई निशानी उनके पास आती है—चाहे वह क़ुरआन की आयतें हों, चाँद के दो टुकड़े होने का चमत्कार हो, या अन्य स्पष्ट प्रमाण जो अल्लाह की एकता और पैग़म्बर मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की सच्चाई पर दलील देते हैं—तो वे उससे मुँह मोड़ लेते हैं, उसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं, और उस पर विचार करने या उसे क़बूल करने से इनकार कर देते हैं। उनका यह रवैया ज़िद और हठ पर आधारित था, न कि किसी कमी या अस्पष्टता पर। वे सच्चाई को देखते हुए भी जानबूझकर उससे विमुख हो जाते थे, क्योंकि उनके दिलों में घमंड और अंधी परंपरा का बोलबाला था। यह आयत उनके इस व्यवहार पर अफसोस और उनकी नादानी को उजागर करती है, कि जब सच्चाई सामने आती है तो वे उसे ठुकरा देते हैं।
शिक्षाएँ और लाभ:
- अल्लाह की हर निशानी इंसान की हिदायत के लिए होती है, लेकिन जो लोग ज़िद और हठ करते हैं, वे सबसे स्पष्ट प्रमाणों से भी फ़ायदा नहीं उठाते। यह हमें सिखाता है कि दिल की पाकीज़गी और अल्लाह की तरफ़ झुकाव ही हिदायत पाने की शर्त है।
- यह आयत हमें चेतावनी देती है कि हम अल्लाह की आयतों (क़ुरआन, कुदरत के निशान, और पैग़म्बरों के चमत्कारों) को सुनकर या देखकर उनसे मुँह न मोड़ें, बल्कि उन पर गहराई से विचार करें और उनसे सबक़ लें।
- इससे हमें यह समझ मिलती है कि अल्लाह की रहमत और हिदायत उन्हीं को मिलती है जो सच्चाई के तलबगार होते हैं, और जो लोग घमंड या अंधी परंपरा के कारण सच्चाई को ठुकराते हैं, वे खुद अपने नुक़सान का कारण बनते हैं।
- यह आयत मुसलमानों को यह भी सिखाती है कि वे अपने जीवन में अल्लाह की आयतों के प्रति संवेदनशील रहें—चाहे वह क़ुरआन की तिलावत हो, प्रकृति के नज़ारे हों, या जीवन की घटनाएँ—और उनसे हिदायत और इबरत हासिल करें, ताकि वे उन लोगों की तरह न हों जिन्होंने सच्चाई को देखकर भी उसे नकार दिया।
📜 आयत 2-6 — अल-अनआम
अनुवाद — अल-अनआम 4
सूरा अल-अनआम आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उन (लोगों का) अजब हाल है कि उनके पास…सूरा आयत 4/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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