अल-अनआम · 5/165
अनुवाद उच्चारण — अल-अनआम
فَقَدْ كَذَّبُوا بِالْحَقِّ لَمَّا جَاءَهُمْ ۖ فَسَوْفَ يَأْتِيهِمْ أَنبَاءُ مَا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ ۝٥
Faqad kazzaboo bilhaqqi lammaa jaaa`ahum fasawfa yaateehim ambaaa`u maa kaanoo bihee yastahzi`oon
📖 हिंदी अर्थ
चुनान्चे जब उनके पास (क़ुरान बरहक़) आया तो उसको भी झुठलाया तो ये लोग जिसके साथ मसख़रापन कर रहे है उनकी हक़ीक़त उन्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगी
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْحَقِّ (अल-हक़्क़): सत्य, यहाँ अभिप्राय क़ुरआन और वह धर्म है जो पैग़म्बर मुहम्मद ﷺ लेकर आए।
  • أَنبَاء (अन्बा): समाचार, ख़बरें, परिणाम और अंजाम।
  • يَسْتَهْزِئُونَ (यस्तहज़िऊन): मज़ाक उड़ाते हैं, उपहास करते हैं।

तफ़सीर (व्याख्या):

इन आयतों से पहले अल्लाह तआला ने बताया कि काफ़िरों के पास कितनी स्पष्ट निशानियाँ और प्रमाण आ चुके हैं, फिर भी वे उनसे मुँह मोड़ लेते हैं। इसके बाद इस आयत में फ़रमाया गया कि जब उनके पास सत्य (क़ुरआन और रिसालत) आया, तो उन्होंने उसे झुठलाया और उसका मज़ाक उड़ाया। उन्होंने इसलिए झुठलाया क्योंकि वे अल्लाह की क़ुदरत और उसके इल्म से बेख़बर थे और उन्हें अपनी ताक़त और सामर्थ्य पर घमंड था। उन्होंने यह नहीं सोचा कि अल्लाह उन्हें मोहलत (ढील) दे रहा है तो यह उनके लिए अच्छा नहीं है, बल्कि यह उनकी सज़ा को और बढ़ाने वाला है।

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिस चीज़ का वे मज़ाक उड़ा रहे हैं, उसका अंजाम और उसकी सच्चाई उनके सामने आकर रहेगी। यानी जब क़ियामत का दिन आएगा या अल्लाह की सज़ा उन पर नाज़िल होगी, तो उन्हें मालूम हो जाएगा कि जिस क़ुरआन और रिसालत का वे मज़ाक उड़ा रहे थे, वही सत्य था। उस वक़्त उनका पछतावा और शर्मिंदगी किसी काम न आएगी। अल्लाह उनके झुठलाने और मज़ाक उड़ाने का पूरा बदला उन्हें देगा, और यह बदला उनके लिए बहुत भारी और दर्दनाक होगा।

फ़ायदे और सबक़:

  1. सत्य (हक़) को झुठलाना और उसका मज़ाक उड़ाना बहुत बड़ा गुनाह है, और अल्लाह इसे कभी माफ़ नहीं करता जब तक इंसान तौबा न करे।
  2. अल्लाह की ढील (मोहलत) किसी के लिए इत्मीनान का सबब नहीं होनी चाहिए, क्योंकि सज़ा में देरी का मतलब सज़ा का माफ़ होना नहीं है।
  3. जो लोग दुनिया में हक़ का मज़ाक उड़ाते हैं, वे आख़िरत में उसी हक़ की सच्चाई को अपनी आँखों से देखेंगे, लेकिन वहाँ देखना किसी काम न आएगा।
  4. इस आयत में उन लोगों के लिए बड़ी नसीहत है जो आज क़ुरआन और इस्लाही तालीमात को हल्का समझते हैं या उनका मज़ाक उड़ाते हैं — उन्हें याद रखना चाहिए कि अल्लाह हर चीज़ का हिसाब लेने वाला है।
  5. मोमिन के लिए यह आयत सबक़ है कि वह हक़ की तरफ़ दावत देता रहे, चाहे लोग मज़ाक उड़ाएँ, क्योंकि अंजाम अल्लाह के हाथ में है और वही सबसे अच्छा फ़ैसला करने वाला है।
🎧 सुनें

📜 आयत 3-7 — अल-अनआम

3وَهُوَ اللَّهُ فِي السَّمَاوَاتِ وَفِي الْأَرْضِ ۖ يَعْلَمُ سِرَّكُمْ وَجَهْرَكُمْ وَيَعْلَمُ مَا تَكْسِبُونَ
फिर (यही) तुम शक़ करते हो और वही तो आसमानों में (भी) और ज़मीन में (भी) ख़ुदा है वही तुम्हारे ज़ाहिर व बातिन से (भी) ख़बरदार है और वही जो कुछ भी तुम करते हो जानता है
4وَمَا تَأْتِيهِم مِّنْ آيَةٍ مِّنْ آيَاتِ رَبِّهِمْ إِلَّا كَانُوا عَنْهَا مُعْرِضِينَ
और उन (लोगों का) अजब हाल है कि उनके पास ख़ुदा की आयत में से जब कोई आयत आती तो बस ये लोग ज़रुर उससे मुंह फेर लेते थे
5فَقَدْ كَذَّبُوا بِالْحَقِّ لَمَّا جَاءَهُمْ ۖ فَسَوْفَ يَأْتِيهِمْ أَنبَاءُ مَا كَانُوا بِهِ يَسْتَهْزِئُونَ
चुनान्चे जब उनके पास (क़ुरान बरहक़) आया तो उसको भी झुठलाया तो ये लोग जिसके साथ मसख़रापन कर रहे है उनकी हक़ीक़त उन्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगी
6أَلَمْ يَرَوْا كَمْ أَهْلَكْنَا مِن قَبْلِهِم مِّن قَرْنٍ مَّكَّنَّاهُمْ فِي الْأَرْضِ مَا لَمْ نُمَكِّن لَّكُمْ وَأَرْسَلْنَا السَّمَاءَ عَلَيْهِم مِّدْرَارًا وَجَعَلْنَا الْأَنْهَارَ تَجْرِي مِن تَحْتِهِمْ فَأَهْلَكْنَاهُم بِذُنُوبِهِمْ وَأَنشَأْنَا مِن بَعْدِهِمْ قَرْنًا آخَرِينَ
क्या उन्हें सूझता नहीं कि हमने उनसे पहले कितने गिरोह (के गिरोह) हलाक कर डाले जिनको हमने रुए ज़मीन मे वह (कूवत) क़ुदरत अता की थी जो अभी तक तुमको नहीं दी और हमने आसमान तो उन पर मूसलाधार पानी बरसता छोड़ दिया था और उनके (मकानात के) नीचे बहती हुई नहरें बना दी थी (मगर) फिर भी उनके गुनाहों की वजह से उनको मार डाला और उनके बाद एक दूसरे गिरोह को पैदा कर दिया
7وَلَوْ نَزَّلْنَا عَلَيْكَ كِتَابًا فِي قِرْطَاسٍ فَلَمَسُوهُ بِأَيْدِيهِمْ لَقَالَ الَّذِينَ كَفَرُوا إِنْ هَٰذَا إِلَّا سِحْرٌ مُّبِينٌ
और (ऐ रसूल) अगर हम कागज़ पर (लिखी लिखाई) किताब (भी) तुम पर नाज़िल करते और ये लोग उसे अपने हाथों से छू भी लेते फिर भी कुफ्फार (न मानते और) कहते कि ये तो बस खुला हुआ जादू है
अल-अनआमकुरान सूची
165आयत
मक्कीRevelation
5आयत

अनुवाद — अल-अनआम 5

सूरा अल-अनआम आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : चुनान्चे जब उनके पास (क़ुरान बरहक़) आया तो उसको भी…

सूरा आयत 5/165 — अल-अनआम الأنعام (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अनआम सुनें, अल-अनआम अनुवाद, अल-अनआम mp3, अल-अनआम pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए