अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَدْعُونَ: पुकारते हो, या पूजते हो।
- مِن دُونِ اللَّهِ: अल्लाह को छोड़कर।
- عِبَادٌ: बंदे, दास (अल्लाह के मालिक होने के अधीन)।
- أَمْثَالُكُمْ: तुम्हारे जैसे (मख़लूक़, अल्लाह के मिल्कियत में)।
- فَلْيَسْتَجِيبُوا: तो उन्हें जवाब देना चाहिए (तुम्हारी पुकार पर)।
- صَادِقِينَ: सच्चे हो (अपने दावे में)।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ मुशरिको! अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जिन्हें तुम अल्लाह को छोड़कर पुकारते हो और उनकी इबादत करते हो—चाहे वो मूर्तियाँ हों, पत्थर हों, या कोई और मख़लूक़—वे सब अल्लाह के बंदे हैं, ठीक उसी तरह जैसे तुम अल्लाह के बंदे हो। वे तुम्हारी तरह मख़लूक़ हैं, अल्लाह के मिल्क में हैं, उनके पास कोई इख़्तियार नहीं। हालाँकि तुम उनसे बेहतर हो, क्योंकि तुम ज़िंदा हो, बोलते हो, चलते हो, सुनते और देखते हो, जबकि तुम्हारे ये माबूद (पूज्य) न तो ज़िंदा हैं, न सुनते हैं, न देखते हैं, और न ही किसी चीज़ की क़ुदरत रखते हैं।
अल्लाह तआला चुनौती देते हुए फ़रमाता है: अगर तुम सच्चे हो अपने इस दावे में कि ये माबूद तुम्हारे लिए नुक़्सान या नफ़ा पहुँचा सकते हैं, या तुम्हारी पुकार का जवाब दे सकते हैं, तो उन्हें पुकारो और देखो क्या वे तुम्हारी पुकार का जवाब देते हैं? अगर वे तुम्हारी मदद कर सकते हैं या तुम्हारी ज़रूरत पूरी कर सकते हैं, तो करके दिखाओ। लेकिन हक़ीक़त यह है कि वे कभी जवाब नहीं दे सकते, क्योंकि वे बेजान हैं, बेख़बर हैं, और अल्लाह की मिल्कियत में महज़ मख़लूक़ हैं। जब वे जवाब नहीं दे पाएँगे, तो तुम्हारा झूठ खुल जाएगा और ये साबित हो जाएगा कि तुम अल्लाह पर सबसे बड़ा बोहतान (झूठ) बाँध रहे हो।
ये आयत हमें सिखाती है कि इबादत सिर्फ़ अल्लाह की ही होनी चाहिए। अल्लाह के सिवा कोई भी पुकारने के क़ाबिल नहीं, क्योंकि हर चीज़ उसी की मख़लूक़ है। जो लोग अल्लाह के सिवा किसी और को पुकारते हैं, वे सिर्फ़ अपने नुक़्सान पर हैं। अल्लाह तआला अपने बंदों से मुहब्बत करता है और चाहता है कि वे सिर्फ़ उसी की तरफ़ रुजू करें, क्योंकि वही सुनने वाला, जवाब देने वाला और मदद करने वाला है। जब कोई बंदा सच्चे दिल से अल्लाह को पुकारता है, तो अल्लाह उसकी सुनता है और उसे जवाब देता है। यही सच्ची कामयाबी है—अल्लाह से जुड़ना, उसी पर भरोसा करना और उसी की इबादत करना।
📜 आयत 192-196 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 194
सूरा अल-आराफ आयत 194 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक वह लोग जिनकी तुम ख़ुदा को छोड़कर हाजत करते…सूरा आयत 194/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 192–196. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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