Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُحَافِظُونَ: निरंतरता और पूर्णता के साथ पाबंदी से अदा करना, समय पर और शर्तों के साथ।
तफ़सीर:
यह आयत उन मोमिनों की विशेषताओं का वर्णन कर रही है जो अपनी नमाज़ की पूरी हिफ़ाज़त करते हैं। यानी वे नमाज़ को उसके निर्धारित समय पर, पवित्रता (तहारत) के साथ, पूरे ध्यान और सुकून (तुमअनीनत) से अदा करते हैं। कोई भी दुनियावी काम, व्यापार, चिंता या मुश्किल उन्हें नमाज़ से ग़ाफ़िल नहीं कर सकती। वे नमाज़ के सभी रुक्न (अर्कान) और वाजिबात को पूरा करते हैं, न उसमें कोई कमी करते हैं और न ही उसे टालते हैं। यह उनकी उस इबादत की निशानी है जो उनके दिलों में अल्लाह के प्रति गहरे प्रेम और डर से पैदा होती है।
नमाज़ ही वह आधार है जो इंसान को बुराईयों से रोकती है और उसे अल्लाह से जोड़ती है। जो व्यक्ति नमाज़ की हिफ़ाज़त करता है, अल्लाह उसकी हिफ़ाज़त करता है। यह आयत हमें सिखाती है कि नमाज़ सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि मोमिन की पहचान है। जो लोग नमाज़ की पाबंदी करते हैं, वे जन्नत के वारिस होंगे और वहाँ हर प्रकार के सम्मान और इज़्ज़त से नवाज़े जाएँगे।
प्यारे भाइयों और बहनों! आइए हम अपनी नमाज़ों को सिर्फ अदा करने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें ख़ुशू और ख़ुज़ू (ध्यान और विनम्रता) के साथ पढ़ें। नमाज़ ही वह चीज़ है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी देगी। अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे जो अपनी नमाज़ों की पूरी हिफ़ाज़त करते हैं। आमीन।
📜 आयत 32-36 — सूरा अल-मआरिज
अनुवाद — अल-मआरिज 34
सूरा अल-मआरिज आयत 34 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग अपनी नमाज़ो का ख्याल रखते हैंसूरा आयत 34/44 — सूरा अल-मआरिज المعارج (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मआरिज सुनें, सूरा अल-मआरिज अनुवाद, सूरा अल-मआरिज mp3, सूरा अल-मआरिज pdf. आयत 32–36. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मआरिज
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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