Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يُرْسِلِ السَّمَاءَ: आकाश से वर्षा भेजे।
- مِدْرَارًا: लगातार और प्रचुर मात्रा में बरसने वाली।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अपनी क़ौम से कहो कि यदि तुम अपने गुनाहों से तौबा करो और अल्लाह से माफ़ी माँगो, तो वह तुम्हारे लिए आसमान से लगातार और खूब बरसने वाली बारिश भेजेगा। यह बारिश ऐसी होगी जो तुम्हारी ज़रूरत के हर मौक़े पर बरसेगी, और तुम्हें कभी सूखे और क़हत (अकाल) का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह अल्लाह की रहमत का एक बड़ा इनाम है, जो उसके बंदों को तौबा और इस्तिग़फ़ार की बरकत से मिलता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है और अपने गुनाहों से माफ़ी माँगता है, तो अल्लाह उसकी दुनियावी और दीनी ज़रूरतों को पूरा करता है। बारिश का आना, रिज़्क़ का बढ़ना, और ज़मीन की बरकत — यह सब अल्लाह की तरफ़ से उसके तौबा करने वाले बंदों के लिए खुशखबरी है। अल्लाह ने इसी सूरह में आगे फ़रमाया कि यह बारिश तुम्हारे माल और औलाद को बढ़ाएगी, तुम्हारे लिए बाग़ पैदा करेगी और नहरें जारी करेगी। यानी तौबा और इस्तिग़फ़ार सिर्फ़ आख़िरत की कामयाबी का ज़रिया नहीं, बल्कि दुनिया की बरकतों का भी सबब है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों पर कितना मेहरबान है। वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ आएं, उससे माफ़ी माँगें, और वह हमारी सारी मुश्किलें दूर कर दे। जब हम देखते हैं कि बारिश नहीं होती, फ़सलें खराब होती हैं, या मुश्किलें बढ़ जाती हैं, तो हमें चाहिए कि हम अल्लाह की तरफ़ रुजू करें, अपने गुनाहों से तौबा करें, और उससे दुआ करें। अल्लाह ने वादा किया है कि वह तौबा करने वालों की दुआ ज़रूर क़बूल करता है और उन पर रहमतों के दरवाज़े खोल देता है। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है — कि हमारा रब हमसे इतना प्यार करता है कि एक छोटी सी तौबा पर वह हमें इतनी बड़ी नेमतें अता करता है। तो आओ, हम सब अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह से माफ़ी माँगें, ताकि हमारी ज़िंदगी में बरकतें आएं और हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।
📜 आयत 9-13 — सूरा नूह
अनुवाद — नूह 11
सूरा नूह आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और) तुम पर आसमान से मूसलाधार पानी बरसाएगासूरा आयत 11/28 — सूरा नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा नूह सुनें, सूरा नूह अनुवाद, सूरा नूह mp3, सूरा नूह pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा नूह
पवित्र क़ुरआन
Sunday, October 11, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


