नूह · 11/28
अनुवाद उच्चारण — नूह
يُرْسِلِ السَّمَاءَ عَلَيْكُم مِّدْرَارًا ۝١١
Yursilis samaaa`a `alaikum midraaraa
📖 हिंदी अर्थ
(और) तुम पर आसमान से मूसलाधार पानी बरसाएगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُرْسِلِ السَّمَاءَ: आकाश से वर्षा भेजे।
  • مِدْرَارًا: लगातार और प्रचुर मात्रा में बरसने वाली।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! अपनी क़ौम से कहो कि यदि तुम अपने गुनाहों से तौबा करो और अल्लाह से माफ़ी माँगो, तो वह तुम्हारे लिए आसमान से लगातार और खूब बरसने वाली बारिश भेजेगा। यह बारिश ऐसी होगी जो तुम्हारी ज़रूरत के हर मौक़े पर बरसेगी, और तुम्हें कभी सूखे और क़हत (अकाल) का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह अल्लाह की रहमत का एक बड़ा इनाम है, जो उसके बंदों को तौबा और इस्तिग़फ़ार की बरकत से मिलता है।

यह आयत हमें सिखाती है कि जब इंसान अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है और अपने गुनाहों से माफ़ी माँगता है, तो अल्लाह उसकी दुनियावी और दीनी ज़रूरतों को पूरा करता है। बारिश का आना, रिज़्क़ का बढ़ना, और ज़मीन की बरकत — यह सब अल्लाह की तरफ़ से उसके तौबा करने वाले बंदों के लिए खुशखबरी है। अल्लाह ने इसी सूरह में आगे फ़रमाया कि यह बारिश तुम्हारे माल और औलाद को बढ़ाएगी, तुम्हारे लिए बाग़ पैदा करेगी और नहरें जारी करेगी। यानी तौबा और इस्तिग़फ़ार सिर्फ़ आख़िरत की कामयाबी का ज़रिया नहीं, बल्कि दुनिया की बरकतों का भी सबब है।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह अपने बंदों पर कितना मेहरबान है। वह चाहता है कि हम उसकी तरफ़ आएं, उससे माफ़ी माँगें, और वह हमारी सारी मुश्किलें दूर कर दे। जब हम देखते हैं कि बारिश नहीं होती, फ़सलें खराब होती हैं, या मुश्किलें बढ़ जाती हैं, तो हमें चाहिए कि हम अल्लाह की तरफ़ रुजू करें, अपने गुनाहों से तौबा करें, और उससे दुआ करें। अल्लाह ने वादा किया है कि वह तौबा करने वालों की दुआ ज़रूर क़बूल करता है और उन पर रहमतों के दरवाज़े खोल देता है। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है — कि हमारा रब हमसे इतना प्यार करता है कि एक छोटी सी तौबा पर वह हमें इतनी बड़ी नेमतें अता करता है। तो आओ, हम सब अपने गुनाहों से तौबा करें और अल्लाह से माफ़ी माँगें, ताकि हमारी ज़िंदगी में बरकतें आएं और हम दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब हों।



📜 आयत 9-13 — नूह

9ثُمَّ إِنِّي أَعْلَنتُ لَهُمْ وَأَسْرَرْتُ لَهُمْ إِسْرَارًا
और उनकी पोशीदा भी फ़हमाईश की कि मैंने उनसे कहा
10فَقُلْتُ اسْتَغْفِرُوا رَبَّكُمْ إِنَّهُ كَانَ غَفَّارًا
अपने परवरदिगार से मग़फेरत की दुआ माँगो बेशक वह बड़ा बख्शने वाला है
11يُرْسِلِ السَّمَاءَ عَلَيْكُم مِّدْرَارًا
(और) तुम पर आसमान से मूसलाधार पानी बरसाएगा
12وَيُمْدِدْكُم بِأَمْوَالٍ وَبَنِينَ وَيَجْعَل لَّكُمْ جَنَّاتٍ وَيَجْعَل لَّكُمْ أَنْهَارًا
और माल और औलाद में तरक्क़ी देगा, और तुम्हारे लिए बाग़ बनाएगा, और तुम्हारे लिए नहरें जारी करेगा
13مَّا لَكُمْ لَا تَرْجُونَ لِلَّهِ وَقَارًا
तुम्हें क्या हो गया है कि तुम ख़ुदा की अज़मत का ज़रा भी ख्याल नहीं करते
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अनुवाद — नूह 11

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सूरा आयत 11/28 — नूह نوح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: नूह सुनें, नूह अनुवाद, नूह mp3, नूह pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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